महाराणा प्रताप हॉर्टिकल्चरल यूनिवर्सिटी करनाल में प्रथम उद्यान मेला एवं हॉटी एक्सपो…कृषिमंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने किया शुभारंभ
कृषिमंत्री ने एमएचयू की मृदा परीक्षण प्रयोगशाला, शहद टैस्टिंग प्रयोगशाला का शुभारंभ किया

करनाल, 19 सितंबर – महाराणा प्रताप हॉर्टिकल्चरल यूनिवर्सिटी करनाल में प्रथम उद्यान मेला एवं हॉटी एक्सपो-2026 लगाया गया है, इस मेले से प्रदेशभर के किसान भाईयों को बहुत लाभ होगा। किसानों को एक ही जगह पर एमएचयू के साथ साथ दूसरे अनुसंधान केंद्रों, उद्यमियों द्वारा किए जा रहे नवाचारों को देखने का मौका मिलेगा। जिन्हें किसान अपनाकर खेती किसानी में बदलाव की ओर अग्रसर होगा। ये बाते कृषि एवं किसान कल्याण, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, मत्यय पालन विभाग के मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने शनिवार को बतौर मुख्य अतिथि एमएचयू के दो दिवसीय प्रथम उद्यान मेला एवं हॉटी एक्सपो के शुभारंभ पर उपस्थित किसान भाईयों से कही। एमएचयू के कुलपति प्रो. सुरेश मल्होत्रा ने मुख्य अतिथि कृषिमंत्री श्री श्याम सिंह राणा को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

कृषिमंत्री श्याम सिंह राणा ने किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि पहले कृषि का मतलब एक ही होता था, लेकिन अब कृषि भी कई क्षेत्रों में विभाजित हो चुकी है, इनमें से बागवानी की खेती भी एक प्रकार है। एमएचयू बागवानी की खेती के विशेषज्ञ तैयार कर रही है। बागवानी की खेती करने वाले किसानों को ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कैसे हो साथ ही प्रदेशवासियों को किस प्रकार से पौष्टिक रसायनमुक्त फल, फूल, सब्जियां, मसाले मिले। इसके लिए सरकार द्वारा एमएचयू की स्थापना की गई। जो धीरे धीरे सफलता की ओर बढ़ रही है। कुलपति प्रो सुरेश मल्होत्रा के नेतृत्व में यूनिवर्सिटी लगातार नए आयाम छू रही है, प्रथम उद्यान मेला भी बागवानी विश्वविद्यालय के उत्थान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि विश्व में भारतवर्ष ऐसा देश है, जहां पर करीब 80 प्रतिशत भूमि कृषि योग्य भूमि है। लेकिन समय के साथ-साथ जनसंख्या बढ़ने से जमीने संकूचित होती जा रही है, किसान कम जमीन में बागवानी की खेती करके अधिक से अधिक मुनाफा कमा सकते है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार 24 फसलों पर एमएसपी दे रही है, अगर कोई फसल एमएसपी से कम पर बिकती है तो किसान को नुकसान न हो। इसे देखते हुए भावांतर भरपाई योजना शुरू की है,

किसान को एमएसपी से जितना कम दाम मिलेगा, उतना दाम भावातंर भरपाई योजना के तहत प्रदेश सरकार किसान को देंगी। किसान भाई प्राचीन खेती जैसे पशु पालन भी करें, जैविक खेती को प्राथमिकता दे। जिससे किसान तो खुशहाल होगा साथ ही लोगों को बेहतर पौष्टिक खाद्यान मिलेगा।
कृषि मंत्री ने एमएचयू की मृदा परीक्षण प्रयोगशाला, शहद टैस्टिंग प्रयोगशाला का शुभारंभ के साथ ही किसानों को सैंपल रिपोर्ट भी दी गई। मौके पर हरियाणा बागवानी पत्रिका, एमएचयू का पॉड कास्ट का विमोचन किया गया ओर एमएचयू के प्रमोशन वीडिया को विचोचन किया गया।
कुलपति प्रो. सुरेश मल्होत्रा ने किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि एमएचयू का प्रथम उद्यान मेला एवं हॉर्टी एक्सपो किसानों के लिए वरदान साबित होगा, किसान भाईयों को एक ही मंच पर विभिन्न किस्मों के फलों के उन्नत किस्मों के पौधे, क्लमें, सब्जियों के बीज व पौध मिल रहे है, इसके साथ ही बागवानी की खेती में प्रयुक्त उन्नत तकनीकों को देखने का मौका मिला है। उन्होंने कहा कि एमएचयू का प्रयास है कि किसान भाई खेती में नवीनतक तकनीकों को अपनाएं, जिससे उनके जीवन में पहले की अपेक्षा ओर ज्यादा आर्थिक उन्नति आए। उन्होंने कहा कि मेले में आए किसान भाई सीधे तौर पर बागवानी, कृषि से जुड़े विशेषज्ञों से प्रश्न पूछ रहे है ओर खेती में नई नई जानकारियों को हासिल कर रहे है। जिससे उन्हें यकीकन फायदा होगा। कुलपति ने कहा कि मेले में हरियाणा के अलग अलग हिस्सों से किसान, उद्यमी, कृषि उपकरण बनाने वाली कंपनियां, महिला, किसान समूह, आईसीएआर के अलावा हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा 80 से अधिक स्टॉल लगाए है, जिन पर सुबह से ही काफी भीड़ रही। कुलसचिव प्रो सुरेंद्र सिंह ने उद्यान मेला में सभी अतिथियों का स्वागत किया।
मौके पर इंद्री विधायक रामकुमार कश्यप, नीलोखेड़ी विधायक भगवानदास कबीरपंथी, मेयर रेणु बाला गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीन लाठर, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के प्रतिनिधि कविंद्र राणा, एचएयू हिसार के वीसी डॉ बी.आर काम्बोज अनुसंधान निदेशक डॉ विशाल राणा, डीजी हॉर्टिकल्चरल डा रणधीर सिंह, डॉ पशुधन बोर्ड के चेयरमैन डॉ अशोक कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।


