डेस्क: राजधानी दिल्ली के सरिता विहार के रहने वाले 31 वर्षीय HR प्रोफेशनल युवराज सिंह मनचंदा की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने युवराज की पूर्व सहकर्मी अन्या वत्स और उसके पति संयम सचदेवा को उत्तराखंड से गिरफ्तार कर लिया है। प्राथमिक जांच में हत्या की वजह पैसों से जुड़ा विवाद बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, युवराज 6 सितंबर को अपनी बहनों के साथ शॉपिंग करने के बाद गुड़गांव में अन्या से मिलने गए थे। कार के अंदर ही दोनों के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हुई। आरोप है कि बहस के दौरान युवराज को कार में ही गोली मार दी गई। हत्या के बाद आरोपी दंपत्ति ने खौफनाक कदम उठाया।
7 घंटे तक कार में घुमाई लाश
दंपत्ति ने शव को छुपाने की नियत से करीब सात घंटे तक कार में ही रखा। बाद में उन्होंने गुड़गांव में अपने घर के पास एक नाले (सीवर) में लाश को फेंक दिया और मौके से फरार हो गए।
आरोपी अन्या और संयम दोनों गुड़गांव के रहने वाले हैं। पुलिस ने बताया कि दोनों ने पुलिस को बताया कि वे शादीशुदा हैं और उनका एक साल का बेटा है। दावा किया जा रहा है कि युवराज को उनकी अपनी कार के अंदर दो बार गोली मारी गई, लेकिन पुलिस इन जानकारियों की पुष्टि कर रही है। युवराज अपने परिवार के साथ सरिता विहार में रहते थे। वह एक जाने-माने रियल एस्टेट डेवलपर के लिए काम करते थे।
पुलिस ने कहा, “अन्या ने 2022 में युवराज के साथ एक और जाने-माने रियल एस्टेट डेवलपर के ऑफिस में काम किया था और अभी वह बेरोजगार थीं। उन्हें कंपनी से निकाल दिया गया था। हमें पता चला है कि उन्हें नौकरी से निकालने की वजह पैसों से जुड़ी कोई गड़बड़ी हो सकती है, लेकिन इसकी पुष्टि की जा रही है।” पुलिस ने बताया कि संयम भी बेरोजगार थे।
युवराज के लापता होने के बाद जब परिवार ने 11 सितंबर को लाजपत नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई, तो पुलिस ने जांच शुरू की। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), इंटरनेट डेटा और CCTV फुटेज खंगालने पर पता चला कि युवराज की आखिरी बातचीत अन्या से हुई थी। तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस को अन्या का नया नंबर मिला, जिसकी लोकेशन उत्तराखंड में मिली। दिल्ली पुलिस की टीम ने तुरंत छापेमारी कर अन्या और उसके पति संयम को धर दबोचा।
पुलिस ने बताया कि पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उनकी निशानदेही पर पुलिस गुड़गांव के बादशाहपुर थाने पहुंची, जहां 10 सितंबर को नाले से एक अज्ञात सड़-गला शव मिला था। तस्वीरों के जरिए परिजनों ने शव की पहचान युवराज के रूप में की।
जांच में सामने आया है कि अन्या और युवराज 2022 में एक ही कंपनी में काम करते थे। अन्या को पैसों की हेराफेरी के आरोप में नौकरी से निकाल दिया गया था। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर 5 दिन की रिमांड पर लिया है और मामले के फोरेंसिक सबूत जुटाए जा रहे हैं।


