जिला गंगा समिति, दरभंगा एवं जिला जल एवं स्वच्छता समिति, दरभंगा द्वारा हुआ कार्यक्रम का आयोजन
पोस्टर विमोचन के माध्यम से “स्वच्छता ही सेवा 2026” अभियान का औपचारिक शुभारंभ
“जब स्वच्छ होगी नदी, तभी सुरक्षित होगा कल” विषय पर आधारित नुक्कड़ नाटक का प्रदर्शन
*नमामि गंगे एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के द्वारा आज से 02 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा विभिन्न कार्यक्रम
दरभंगा, 17 सितंबर 2026 :- *जिला गंगा समिति, दरभंगा एवं जिला जल एवं स्वच्छता समिति, दरभंगा के संयुक्त तत्वावधान में आज समाहरणालय परिसर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार, लहेरियासराय, दरभंगा में “स्वच्छता ही सेवा 2026” अभियान का शुभारंभ किया गया। यह अभियान आज से 02 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी, दरभंगा कौशल कुमार द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर नगर आयुक्त, दरभंगा गरिमा लोहिया, सहायक समाहर्ता कल्पना रावत, उप विकास आयुक्त स्वप्निल, निदेशक डी.आर.डी.ए. भुवनेश्वर मिश्र, गंगा समिति के जिला परियोजना पदाधिकारी फारूक इमाम, स्वच्छता समिति के जिला समन्वयक प्रशांत कुमार उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान “कर्तव्य गंगा” सॉन्ग का प्रदर्शन एवं “जनभागीदारी से स्वच्छता का संकल्प” से संबंधित वीडियो का प्रदर्शन किया गया।
इसके उपरांत पोस्टर विमोचन के माध्यम से “स्वच्छता ही सेवा 2026” अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी, दरभंगा श्री कौशल कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि “स्वच्छता ही सेवा” अभियान वर्ष 2017 में स्वच्छ भारत मिशन को जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान करने तथा स्वच्छता के प्रति नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया था।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सरकार या किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए जनभागीदारी के साथ-साथ स्वच्छता संबंधी व्यवहार में स्थायी परिवर्तन आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को स्थायी बनाना, खुले में शौच से मुक्ति की स्थिति को बनाए रखना तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के माध्यम से स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करना है। इसके अंतर्गत शौचालयों के नियमित उपयोग एवं रख-रखाव, घर-घर कचरा संग्रहण, कचरे का पृथक्करण एवं उचित निस्तारण, गीले कचरे से कम्पोस्ट निर्माण, प्लास्टिक कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन, ग्रे-वॉटर प्रबंधन तथा सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता जैसी गतिविधियों को निरंतर बढ़ावा दिया जाना आवश्यक है। उन्होंने ग्राम पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, युवाओं एवं समुदाय से इन गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि नमामि गंगे कार्यक्रम का उद्देश्य गंगा एवं उसकी सहायक नदियों के प्रदूषण में कमी, संरक्षण एवं पुनर्जीवन के साथ-साथ नदियों की निर्मलता एवं अविरलता सुनिश्चित करना तथा नदी से जुड़े समुदायों की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देना है। इसके लिए नदी एवं घाटों की स्वच्छता हेतु श्रमदान, जलस्रोतों में कचरा नहीं डालने के लिए जन-जागरूकता, स्वच्छता शपथ एवं जनसंवाद, विद्यालयों-महाविद्यालयों एवं युवा समूहों की सहभागिता, नदी संरक्षण एवं जल संरक्षण के प्रति जागरूकता तथा नदी तटों पर पौधारोपण जैसी गतिविधियों को जनभागीदारी के माध्यम से आगे बढ़ाया जाना आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण और नमामि गंगे के उद्देश्यों को “स्वच्छता ही सेवा” अभियान के माध्यम से एक व्यापक जन-आंदोलन से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने युवाओं की भूमिका को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि युवा वर्ग स्वच्छता, जल संरक्षण एवं नदी संरक्षण के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने में प्रभावी भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने सभी पदाधिकारियों, कर्मियों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं, विद्यार्थियों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं आम नागरिकों से अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने तथा “स्वच्छता में सहभाग—स्वच्छ भारत, विकसित भारत” और “युवा शक्ति का यही संदेश—स्वच्छ गंगा, स्वच्छ परिवेश” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान नमामि गंगे के स्वयंसेवकों शिवम झा, अंशु प्रिया, सुमेधा श्रीवास्तव, नयनप्रिया, सूरज ठाकुर, मनीषा कुमारी, प्रियांशु राज, आदित्य कुमार द्वारा “जब स्वच्छ होगी नदी, तभी सुरक्षित होगा कल” विषय पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नदियों में कचरा नहीं डालने, नदी एवं जलस्रोतों को स्वच्छ रखने तथा उनके संरक्षण के प्रति आमजन को जागरूक करने का प्रभावी संदेश दिया गया।
प्रस्तुति के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि नदियों की स्वच्छता एवं संरक्षण वर्तमान के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित एवं स्वस्थ भविष्य के लिए भी आवश्यक है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित पदाधिकारियों, कर्मियों, युवाओं एवं स्वयंसेवकों ने स्वच्छता, जल संरक्षण एवं नदी संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा स्वच्छ, स्वस्थ एवं पर्यावरण-अनुकूल समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में नगर आयुक्त, दरभंगा गरिमा लोहिया, सहायक समाहर्ता कल्पना रावत, उप विकास आयुक्त स्वप्निल, निदेशक डी.आर.डी.ए. भुवनेश्वर मिश्र, गंगा समिति के जिला परियोजना पदाधिकारी फारूक इमाम, जल एवं स्वच्छता समिति के जिला समन्वयक प्रशांत कुमार, जिला सलाहकार संदीप कुमार एवं विकास मंडल, जिले के सभी प्रखंडों के प्रखंड समन्वयक एवं स्वच्छता पर्यवेक्षक, नमामि गंगे समन्वयक संजीव कुमार तथा नमामि गंगे के स्वयंसेवक कृष्णा चौधरी, जिक्रा फातिमा, सोनू राज, पार्थ कुमार, शिवम कुमार मल्लिक एवं सलोनी कुमारी सहित 100 से अधिक नमामि गंगे एवं स्वच्छता स्वयंसेवकों ने भाग लिया।


