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भुवनेश्वर कुमार ने बताया टीम इंडिया से बाहर होने का दर्द, बोले- ”यह आसान नहीं था”

डेस्क: भारतीय टीम से लंबे समय से बाहर चल रहे अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के अंत को स्वीकार करने के दर्द पर खुलकर बात की है। भुवनेश्वर की भारत के लिए दोबारा खेलने की इच्छा अभी भी बनी हुई है, लेकिन अब वह चयनकर्ताओं के फैसलों पर अपनी मानसिक शांति निर्भर नहीं रखते।

अगर उन्हें दोबारा टीम इंडिया में जगह नहीं मिलती है, तो अब वह इसे पहले की तरह व्यक्तिगत झटके के तौर पर नहीं देखते।
आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद वापसी की मांग तेज
2026 आईपीएल सीजन के बाद भुवनेश्वर कुमार की भारतीय टीम में वापसी की मांग और तेज हो गई। उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को लगातार दो आईपीएल खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई। आरसीबी की 2025 की पहली खिताबी जीत में भुवनेश्वर ने 17 विकेट लिए थे। इसके बाद 2026 सीजन में उन्होंने 28 विकेट चटकाए और पर्पल कैप जीतने से सिर्फ एक विकेट दूर रह गए।
यूपी टी20 लीग में भी दिखाया दम
भुवनेश्वर ने घरेलू क्रिकेट में भी अपनी शानदार फॉर्म जारी रखी। उन्होंने लखनऊ फाल्कन्स की कप्तानी करते हुए टीम को यूपी टी20 लीग के फाइनल तक पहुंचाया। सेमीफाइनल में उन्होंने केवल 10 रन देकर चार विकेट हासिल किए। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित किया कि भुवनेश्वर कुमार की गेंदबाजी में अब भी बड़े स्तर पर प्रभाव छोड़ने की क्षमता मौजूद है।
‘यह आसान नहीं था, लेकिन परिवार ने बड़ी भूमिका निभाई’
जतिन सपु्र के यूट्यूब पॉडकास्ट पर बातचीत के दौरान भुवनेश्वर कुमार ने नवंबर 2022 के बाद टीम इंडिया से दूर होने के अनुभव को साझा किया। उन्होंने बताया, ‘टीम मैनेजमेंट से हुई निजी बातचीत के आधार पर मुझे लगा था कि भारत के लिए खेलने के कुछ और मौके मिलेंगे। हालांकि, जब वे मौके नहीं आए, तो मुझे धीरे-धीरे समझ आ गया कि मेरा अंतरराष्ट्रीय करियर उम्मीद से काफी पहले खत्म हो चुका है।’
भुवनेश्वर ने कहा, ‘इस मुश्किल दौर से बाहर निकलने में मेरे परिवार ने बड़ी भूमिका निभाई।’
एडिलेड में ही समझ आ गया था कि वर्ल्ड कप सफर खत्म हो गया
भुवनेश्वर कुमार ने बताया कि 2022 टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की हार के बाद उन्हें अंदाजा हो गया था कि अब टीम में बदलाव का दौर शुरू होगा। एडिलेड में हार के बाद जब ड्रेसिंग रूम का माहौल बेहद निराशाजनक था, तब भुवनेश्वर अपने होटल के कमरे में लौटे और अपनी पत्नी नूपुर से कहा कि यह उनका आखिरी वर्ल्ड कप था।
उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर समझा था कि किसी बड़े टूर्नामेंट में हार के बाद चयनकर्ता भविष्य को ध्यान में रखते हुए युवा खिलाड़ियों को मौका देना शुरू कर देते हैं।
भुवनेश्वर कुमार ने क्या कहा?
भुवनेश्वर कुमार ने कहा, ‘कुछ और सीरीज तक। क्योंकि मुझे एक कॉल आया था। उन्होंने जो कहा, उसके आधार पर मुझे लगा कि शायद अगली दो सीरीज में मौका मिल सकता है। यह आसान नहीं था, लेकिन परिवार ने इसमें बड़ी भूमिका निभाई।’
उन्होंने आगे कहा, ‘एडिलेड में ऐसा हुआ। मैं अपने कमरे में आया और अपनी पत्नी से कहा। मैंने यह बात अपने अनुभव के आधार पर कही थी। ड्रेसिंग रूम में हर कोई निराश था। जाने से पहले कुछ बातचीत हुई थी। लेकिन जब मैं कमरे में वापस आया, तो मैंने अपनी पत्नी नूपुर से कहा कि यह मेरा आखिरी वर्ल्ड कप है।’
भुवनेश्वर ने चयन प्रक्रिया को लेकर कहा, ‘मेरे अनुभव के अनुसार, जब आप इस तरह का कोई टूर्नामेंट हारते हैं, तो चयनकर्ता आगे की ओर देखना चाहते हैं और यह सही भी है।’

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