डेस्क: भारत की मेजबानी में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन (BRICS Summit) के दौरान पश्चिम एशिया के मौजूदा संकट और क्षेत्रीय कूटनीति (Regional Diplomacy) को लेकर पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठे हैं। ईरान से सम्मेलन में पहुंचे पत्रकार बसीम लालेह (Basim Laleh) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के नेतृत्व में भारत की कूटनीतिक सक्रियता की सराहना करते हुए पाकिस्तान की विदेश नीति को कमजोर बताया। उन्होंने पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख आसिम मुनीर (Asim Munir) को लेकर भी तीखी टिप्पणी की और कहा कि पश्चिम एशिया के मामले में पाकिस्तान प्रभावी भूमिका निभाने में नाकाम रहा है।
लालेह के मुताबिक, पश्चिम एशिया में संकट के बीच संवाद स्थापित करने में भारत लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने BRICS सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के साथ हुई बातचीत का उल्लेख किया। उनके अनुसार, इसके बाद ईरान और यूएई के बीच बातचीत होना भी क्षेत्रीय संवाद की दिशा में महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।
ईरानी पत्रकार ने कहा कि भारत की इस कूटनीतिक पहल से पश्चिम एशिया में बातचीत के लिए नए रास्ते खुल सकते हैं। उन्होंने होर्मुज और खाड़ी क्षेत्र से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया और कहा कि इन मामलों में पाकिस्तान अब तक अपनी प्रभावी भूमिका साबित नहीं कर पाया है।
आसिम मुनीर को लेकर लालेह ने कहा कि उनके अनुसार पाकिस्तान हर मोर्चे पर असफल रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस के बीच हुई बातचीत से होर्मुज को लेकर भी आगे कोई रास्ता निकल सकता है। उन्होंने BRICS की मेजबानी और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसके बाद पश्चिम एशिया में पाकिस्तान की भूमिका सीमित होती दिखाई दे रही है।
लालेह ने उम्मीद जताई कि आने वाले करीब दो महीनों में पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को लेकर सकारात्मक दिशा दिखाई दे सकती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने मतभेदों को पीछे छोड़कर साथ आने और बातचीत के जरिए रास्ता तलाशने पर जोर दिया है। उनके मुताबिक, पश्चिम एशिया के लिए ऐसी कूटनीतिक पहल उपयोगी साबित हो सकती है।
ईरानी पत्रकार ने पाकिस्तान की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान खुद दूसरे देशों पर निर्भर है और इसी कारण वह स्वतंत्र रूप से फैसले लेने की स्थिति में नहीं है। उनके अनुसार, इसका असर उसकी विदेश नीति और कूटनीति पर भी दिखाई देता है।
लालेह ने पाकिस्तान पर आतंकवाद से जुड़े आरोप लगाते हुए कहा कि जो देश खुद आतंकवाद से जुड़ा हुआ है, वह शांति की बात नहीं कर सकता। उन्होंने क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के मुद्दे पर पाकिस्तान की भूमिका को प्रभावी नहीं माना।
उन्होंने सऊदी अरब से जुड़े घटनाक्रम का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, पाकिस्तान सऊदी अरब पर हमले करने वालों के खिलाफ प्रभावी तरीके से लामबंदी नहीं कर पा रहा है। उन्होंने मक्का में हुए संयुक्त रक्षा समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें सऊदी क्राउन प्रिंस और तुर्की के साथ पाकिस्तान की सहमति बनी थी।
लालेह ने दावा किया कि ऐसे घटनाक्रमों के बीच पाकिस्तान पहले ही परीक्षा में विफल दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि आसिम मुनीर मक्का समझौते से पीछे हटते नजर आ रहे हैं। इस तरह BRICS सम्मेलन के दौरान ईरानी पत्रकार की टिप्पणियों में भारत की कूटनीतिक सक्रियता और पाकिस्तान की भूमिका के बीच स्पष्ट तुलना देखने को मिली।


