डेस्क: हरारे स्पोर्ट्स क्लब में ऑस्ट्रेलिया और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में क्रिकेट इतिहास का एक खास और अमर कीर्तिमान स्थापित हो गया. जिम्बाब्वे के 40 साल के दिग्गज बल्लेबाज ब्रैंडन टेलर ने मैदान पर कदम रखते ही भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का सबसे लंबे वनडे करियर का रिकॉर्ड तोड़ दिया. टेलर का वनडे करियर अब 22 साल और 148 दिनों तक पहुंच चुका है, जिसके साथ ही वो पुरुष वनडे क्रिकेट इतिहास में सबसे लंबे समय तक एक्टिव रहने वाले खिलाड़ी बन गए हैं.
सचिन तेंदुलकर ने अपने वनडे करियर में 22 साल और 91 दिन तक खेलने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था. टेलर ने 22 साल और 4 महीने से ज्यादा समय बिताकर इस मील के पत्थर को पीछे छोड़ दिया. टेलर ने साल 2004 में श्रीलंका के खिलाफ बुलावायो में सिर्फ 18 साल की उम्र में अपना वनडे डेब्यू किया था. आज 40 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैदान में उतरकर उन्होंने 22 साल और 148 दिनों का सफर पूरा कर लिया.
टेलर का यह सफर आसान नहीं रहा. उन्होंने साल 2021 में संन्यास ले लिया था और इसके बाद आईसीसी की ओर से साढ़े तीन साल का बैन भी झेला. तमाम मुश्किलों को पार कर वो 2025 में इंटरनेशनल क्रिकेट में लौटे और अब इतिहास के पन्नों में अपना नाम हमेशा के लिए दर्ज करा लिया. जिम्बाब्वे की ओर से वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा 11 शतक लगाने का कीर्तिमान भी उन्हीं के नाम दर्ज है.
उम्र के 40वें पड़ाव पर भी ब्रैंडन टेलर की फिटनेस और रिफ्लेक्स लाजवाब नजर आए. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के इन-फॉर्म बल्लेबाज जोश इंगलिस को पवेलियन भेजने के लिए हवा में डाइव लगाते हुए एक अविश्वसनीय कैच लपका. उनके इस कैच ने हरारे में मौजूद फैंस को रोमांचित कर दिया और साबित कर दिया कि वो सिर्फ रिकॉर्ड के लिए नहीं बल्कि टीम के सबसे असरदार खिलाड़ी के रूप में मैदान पर हैं.


