दरभंगा:ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा की प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी के दिशा-निर्देश में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, पटना के सौजन्य से सात दिवसीय आवासीय ‘युवा आपदा मित्र’ प्रशिक्षण जुबिली हॉल में जारी रहा। शिविर का प्रारंभ राष्ट्रगीत एवं एनएसएस लक्ष्य-गीत से हुआ, जबकि समापन राष्ट्रगान से हुआ। शिविर में संयोजक का आर एन चौरसिया, डॉ अनुपम प्रिया, डॉ सोनू राम शंकर, डॉ उदय कुमार आदि के साथ ही सहयोगी, स्वास्थ्य एवं सुरक्षाकर्मी आदि उपस्थित थे। शिविर का शुभारंभ करते हुए सी एम साइंस कॉलेज, दरभंगा के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ युगेश्वर साह ने कहा कि आपदा प्रशिक्षण के बाद स्वयंसेवकों की समाज के प्रति जिम्मेदारी एवं संवेदनशीलता बढ़ेगी। समय किसी का इंतजार नहीं करता। इस कारण छोटी-मोटी बातों पर ध्यान न देकर छात्र अपने मूल लक्ष्य की ओर पूर्ण ध्यान दें। इस प्रशिक्षण में उन्हें सैद्धांतिक के साथ ही व्यावहारिक ज्ञान भी मिल रहा है। कहा कि आप सभी बहुत भाग्यशाली हैं कि आपका चयन शिविर के लिए किया गया है।
प्रशिक्षक राजू कुमार ने वज्रपात के कारण, प्रभाव एवं बचाव उपाय बताते हुए कहा कि इस दौरान हमें क्या करना चाहिए तथा क्या नहीं करना चाहिए? कहा कि वज्रपात का हमारी याददाश्त, आंख, नाक एवं मस्तिष्क आदि पर काफी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। दामिनी लाइटनिंग, इन्द्रवज्र तथा नीतीश ऐप के माध्यम से 10 से 15 मिनट पहले ही वज्रपात की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
प्रशिक्षक संतोष कुमार ने सुरक्षित नौका परिचालन की जानकारी देते हुए बताया कि जागरूकता की कमी, ओवरलोडिंग, सुरक्षा की कमी, कुशलता का अभाव, कम गुणवत्ता वाले नौका का परिचालन, सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने से दुर्घटनाएं होती हैं। उन्होंने नौका के प्रकार, जीवन रक्षक उपकरणों एवं लाइफ जैकेट आदि के प्रयोग की भी जानकारी दी। वहीं एसडीआरएफ टीम की पूजा कुमारी ने लू एवं शीतलहर की विस्तार से जानकारी देते हुए उसके कारण, लक्षण, प्रभाव एवं बचाव के उपायों को विस्तार से बताया। कहा कि लू एवं शीतलहर एक प्राकृतिक आपदा है, जिनका लोगों पर दुष्प्रभाव पड़ता है।
तत्पश्चात प्रशिक्षण रूपेश कुमार पासवान एवं संतोष कुमार के नेतृत्व में भूकंप के लिए छात्र-छात्राओं की अलार्म टीम, मेडिकल टीम, सर्च एंड रेस्क्यू टीम, ट्रांसपोर्टेशन टीम, मीडिया मैनेजमेंट टीम, साइट एंड सिक्योरिटी आदि टीमों का गठन कर मनोकामना मंदिर पार्क में मॉक ड्रिल कराया गया। टीम ने भूकंप, आगलगी, बाढ़ आदि की घटनाओं के दौरान-राहत एवं बचाव कार्य का जीवंत रिहर्सल किया। वहीं आगलगी की घटना के लिए सॉल्वेज टीम, मेडिकल टीम, ट्रांसपोर्टेशन टीम, फायर कट ऑफ टीम, फायर फाइटिंग टीम तथा सिक्योरिटी आदि टीमों का गठन कर पूर्वाभास कराया गया। अंतिम सत्र में छात्र- छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोकगायन एवं लोकनृत्य की मोहक प्रस्तुति दी।

