डेस्क: सिंगापुर की अदालत में पति और पत्नी की लड़ाई का एक दिलचस्प मामला सामने आया है. कोर्ट में एक पति ने अपनी पत्नी के खिलाफ याचिका दाखिल की. इसमें कहा गया कि पत्नी उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर मारना चाहती है. याचिका में दम देख कोर्ट ने पति को पुलिस प्रोटेक्शन देने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा कि जब तक तलाक और पत्नी की अपराध मामले में फैसला नहीं आ जाता है, तब तक पति को घरेलू सुरक्षा मिलती रहेगी.
सीएनए के मुताबिक सिंगापुर की अदालत ने बुधवार को पत्नी के खिलाफ मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि पति की याचिका में दम है. इसलिए हम उन्हें घरेलू सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं. एक पति ने सिंगापुर की पारिवारिक अदालत में एक याचिका दाखिल की. इसमें कहा गया कि उनकी पत्नी लगातार उन्हें प्रताड़ित कर रही है. पति के मुताबिक, पत्नी ने उसकी बहन की अश्लील तस्वीरें बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दीं.
इतना ही नहीं पत्नी एआई का इस्तेमाल कर ऐसी-ऐसी तस्वीरें बना रही थी, जो सामाजिक तौर पर आपत्तिजनक हैं. कोर्ट ने जब पत्नी से इस बारे में पूछा, तो उसने इसे स्वीकार किया. इसके बाद कोर्ट ने कहा कि पति को सुरक्षा देना जरूरी है. पति ने कोर्ट को बताया कि पत्नी इसलिए उससे लड़ रही है, ताकि वह 79,000 डॉलर अपने पिता को न दे सके. उसके पिता इस वक्त बीमार हैं और उनका इलाज जरूरी है.पति के मुताबिक, जब उसने पिता को पैसे देने का फैसला लिया तो पत्नी ने इसका विरोध किया.
कोर्ट ने इस मामले में पर्सनल प्रोटेक्शन एक्ट का आदेश दिया. इसके तहत अब पति पुलिस प्रोटेक्शन में रहेंगे. पूरे मामले में पुलिस की निगरानी रहेगी. सिंगापुर में पर्सनल प्रोटेक्शन का प्रावधान है. इसके अलावा सिंगापुर में कोर्ट के पास डोमेस्टिक एक्सक्लूसन ऑर्डर भी पास करने का अधिकार है. इसमें पति और पत्नी को किसी एक जगह पर जाने पर मनाही है. पत्नी अब कोर्ट के फैसले के बाद पति को प्रताड़ित नहीं कर पाएगी. अगर पत्नी ऐसा करती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. वहीं पुलिस भी एक्शन ले सकती है.

