डेस्क: नई दिल्ली। 11 सितंबर 2026 को देशभर में बैंक कर्मचारी एक दिन की हड़ताल पर रहेंगे. इससे बैंक की शाखाओं में होने वाले कई जरूरी काम प्रभावित हो सकते हैं. यह हड़ताल युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन ने बुलाई है.
4 सितंबर को बैंक यूनियनों और इंडियन बैंक एसोसिएशन के बीच बातचीत हुई थी, लेकिन उनकी मांगो पर कोई सहमति नहीं बनी. इसके बाद 11 सितंबर की हड़ताल का फैसला जारी है.
किन राज्यों में पड़ेगा असर?
यह सिर्फ किसी एक राज्य की हड़ताल नहीं है. इसका असर देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बैंक शाखाओं के कामकाज पर पड़ सकता है. जिसमें महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना समेत पूरे देश में बैंक कर्मचारी संगठनों की भागीदारी के कारण शाखाओं का काम प्रभावित हो सकता है.
युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन की ओर से बुलाई गई 11 सितंबर की देशव्यापी हड़ताल का असर खास तौर पर सरकारी यानी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं पर पड़ने की संभावना है. एसबीआई,पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ोदा, बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया जैसे बैंकों में कामकाज प्रभावित हो सकता है. वहीं, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक,एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे बड़े निजी बैंकों की शाखाओं पर असर की संभावना कम है. हालांकि, किसी बैंक की शाखा में कामकाज पूरी तरह बंद रहेगा या नहीं, यह कर्मचारियों की हड़ताल में भागीदारी पर निर्भर करेगा.
ग्राहकों के कौन से काम रुक सकते हैं?
11 सितंबर को बैंक की शाखाओं में कई सामान्य काम प्रभावित हो सकते हैं. जैसे:
बैंक में कैश जमा करना या निकालना.
चेक जमा करना या उससे जुड़े काम.
डिमांड ड्राफ्ट बनवाना.
पासबुक अपडेट कराना.
बैंक काउंटर से होने वाले दूसरे काम.
इसलिए अगर आपका कोई जरूरी काम बैंक की शाखा में जाकर ही होता है, तो उसे 11 सितंबर से पहले निपटा लेना बेहतर रहेगा. क्योंकि 12 सितबंर को महीने का दूसरा शनिवार है और 13 सितंबर को रविवार है, इसलिए इन दो दिन भी बैंक बंद रहेंगे.
बैंक कर्मचारी क्यों कर रहे हड़ताल?
बैंक यूनियनों की प्रमुख मांग है कि बैंक सप्ताह में सिर्फ पांच दिन, यानी सोमवार से शुक्रवार तक काम करें और शनिवार-रविवार छुट्टी रहे. इसके अलावा पेंशन,पी जल आई और कर्मचारियों से जुड़े कुछ अन्य मुद्दे भी उनकी मांगों में शामिल हैं. इन मांगों पर सहमति नहीं बनने के बाद बैंक यूनियनों ने हड़ताल का फैसला लिया है.
आगे भी हड़ताल की चेतावनी
अगर मांगों पर समाधान नहीं निकलता है, तो युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन ने 28-30 सितंबर को तीन दिन की हड़ताल और 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की भी चेतावनी दी है,
क्या 11 सितंबर की हड़ताल रद्द हो सकती है?
युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन की ओर से 11 सितंबर की हड़ताल वापस लेने की घोषणा नहीं की गई है. हालांकि, यूनियनों और संबंधित अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद स्थिति बदल सकती है.

