उत्तर प्रदेश

नोएडा के डूब क्षेत्र में बिजली कनेक्शन काटे जाने का मामला गरमाया, रविवार को महापंचायत

डेस्क:नोएडा के डूब क्षेत्र में विकसित की गई अवैध कॉलोनियों में बिजली कनेक्शन काटे जाने का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार की सख्ती के बाद विद्युत विभाग की ओर से बड़ी कार्रवाई करते हुए इन कॉलोनियों में 13 हजार से अधिक बिजली कनेक्शन काटे जाने की बात सामने आई है। बिजली आपूर्ति बंद होने के बाद यहां रहने वाले लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। वहीं, इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की ओर से भी विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं। बताया जा रहा है कि नोएडा के डूब क्षेत्र में लंबे समय से बड़ी संख्या में अवैध कॉलोनियां विकसित होती रही हैं। इन कॉलोनियों में हजारों परिवार रह रहे हैं। सरकार और प्राधिकरण की ओर से डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत कॉलोनियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विद्युत कनेक्शनों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया है। बड़ी संख्या में कनेक्शन काटे जाने के बाद स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्हें अचानक बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित होना पड़ रहा है। इस मामले को लेकर कई जनप्रतिनिधियों ने भी सरकार और संबंधित विभाग के सामने विद्युत व्यवस्था बहाल करने की मांग उठाई है।
जनप्रतिनिधियों का तर्क है कि भले ही डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण का मुद्दा अलग है, लेकिन वहां वर्षों से रह रहे परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से पूरी तरह वंचित करना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। लोगों का कहना है कि बिजली कटने से बच्चों की पढ़ाई, पेयजल व्यवस्था, घरेलू कामकाज और छोटे कारोबार तक प्रभावित हो रहे हैं। अब इस पूरे मामले में किसानों की भी एंट्री होने जा रही है। डूब क्षेत्र की कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को किसानों का समर्थन मिलने की संभावना है। इसी मुद्दे को लेकर रविवार को महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है।
महापंचायत में बिजली कनेक्शन काटे जाने के साथ-साथ डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों की समस्याओं और सरकार की कार्रवाई पर चर्चा की जाएगी। महापंचायत के बाद सरकार और प्रशासन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किए जाने की भी संभावना जताई जा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक राजनीतिक एवं सामाजिक रूप ले सकता है। स्थानीय लोगों और किसानों की ओर से सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति तैयार की जा सकती है।
हालांकि, प्रशासन और सरकार की ओर से डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण को लेकर लगातार सख्ती की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यमुना के डूब क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण और अवैध कॉलोनियों का विस्तार भविष्य में गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। बाढ़ और जलभराव की स्थिति में इन इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा भी बड़ा सवाल बन सकती है।

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