डेस्क:भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने लखनऊ पहुंचते ही समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर सीधा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने सपा के बहुचर्चित ‘पीडीए’ नारे पर निशाना साधते हुए कहा कि अखिलेश यादव के पीडीए का मतलब ‘पराया धन अपना’ है और भाजपा इस राजनीतिक एजेंडे को नाकाम करेगी। विनोद तावड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक दल है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के विकास की रफ्तार को आगे बढ़ा रहे हैं। कहा कि प्रदेश में भाजपा के अध्यक्ष पंकज चौधरी के निर्देशन में एनडीए कार्यकर्ता पूरी ताकत के साथ आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेंगे और जीत हासिल करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा एक बार फिर प्रदेश की जनता के लिए अगले पांच साल समर्पित करने के संकल्प के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी। उत्तर प्रदेश भाजपा का प्रभार संभालने के बाद अपने पहले लखनऊ दौरे पर पहुंचे विनोद तावड़े का एयरपोर्ट पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह, प्रदेश महामंत्री संजय राय और प्रदेश कार्यालय प्रभारी गोविंद नारायण शुक्ला समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने उनकी अगवानी की।
हालांकि, तावड़े ने अपने स्वागत को लेकर कार्यकर्ताओं को पहले ही स्पष्ट संदेश दिया था कि उनके स्वागत के नाम पर सड़कों पर भीड़ जुटाने, जगह-जगह पोस्टर-होर्डिंग लगाने या शक्ति प्रदर्शन करने से बचा जाए। उन्होंने कहा कि इससे आम लोगों को परेशानी होती है और यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। उनका संदेश साफ था कि संगठन को दिखावे की राजनीति से ज्यादा जमीनी काम पर ध्यान देना चाहिए। दो दिवसीय लखनऊ प्रवास के दौरान तावड़े संगठन की चुनावी तैयारियों को धार देने के लिए बैठकों का सिलसिला शुरू करेंगे।
वह प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह के साथ संगठनात्मक समीक्षा बैठक करेंगे। इसके बाद प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक कर पार्टी के अभियानों, संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी कार्ययोजनाओं की समीक्षा करेंगे। तावड़े मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के साथ उच्चस्तरीय कोर कमेटी की बैठक में भी शामिल होंगे। इसमें प्रदेश के मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य, सरकार और संगठन के बीच समन्वय तथा आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति पर मंथन होगा।
तावड़े के पहले लखनऊ दौरे को भाजपा के लिए महज संगठनात्मक औपचारिकता के बजाय आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के औपचारिक आगाज के तौर पर देखा जा रहा है।

