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जन्माष्टमी : राष्ट्रपति मुर्मू, पीएम मोदी और अमित शाह ने दी बधाई, देशभर के मंदिरों में उमड़ा भक्ति का सैलाब

डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने जन्माष्टमी (Janmashtami) के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण (Lord Sri Krishna) की शिक्षाओं और निष्काम कर्म के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण के दिव्य संदेश मानवता को लगातार मार्गदर्शन देते रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कामना की कि भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और आराधना का यह पावन अवसर हर व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शक्ति लेकर आए। उन्होंने देशवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए जय श्रीकृष्ण कहा।
पीएम मोदी ने जन्माष्टमी पर क्या संदेश दिया?
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के संदेश में निष्काम कर्म की गहरी प्रेरणा है।
उनके अनुसार, यह संदेश लंबे समय से मानवता का मार्गदर्शन करता रहा है।
उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और आराधना का पवित्र अवसर है।
प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह पर्व सभी के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शक्ति का संचार करेगा।
अमित शाह ने भी एक्स पर पोस्ट कर सभी लोगों को बधाई दी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने क्या संदेश दिया?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी जन्माष्टमी के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन और उनके संदेश भारतीय संस्कृति और दर्शन में नई ऊर्जा भरते हैं। उन्होंने सत्य, धर्म, न्याय, करुणा और निष्काम कर्म के मार्ग पर चलने की अपील की और समावेशी व विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

देशभर के मंदिरों में कैसे मनाई गई जन्माष्टमी?
जन्माष्टमी पर देशभर के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। भक्तों ने मंगला आरती, विशेष पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लिया। दिल्ली में ईस्ट ऑफ कैलाश और द्वारका सेक्टर-13 स्थित इस्कॉन मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिरों में मंगला आरती के दौरान भक्तों ने पूजा-अर्चना की और भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाया। बिरला मंदिर में भी जन्माष्टमी के अवसर पर विशेष मंगला आरती हुई। मंदिर को पर्व के लिए सजाया गया था और श्रद्धालुओं ने सुबह की पूजा में हिस्सा लिया।
मथुरा-वृंदावन में दिखा खास धार्मिक उत्साह क्यों?
भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में जन्माष्टमी का विशेष धार्मिक महत्व है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं ने मंगला आरती और विशेष पूजा में हिस्सा लिया। भक्तों ने भगवान के प्रति अपनी आस्था जताते हुए नृत्य भी किया। मथुरा के दूसरे मंदिरों में भी धार्मिक अनुष्ठान और उत्सव का माहौल रहा। वृंदावन के श्री बांके बिहारी जी मंदिर में भी जन्माष्टमी की आरती के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर परिसर में भारी भीड़ रही और दर्शन के लिए भक्त लंबी कतारों में खड़े दिखाई दिए।
मुंबई में भी मंदिरों में उमड़ी भीड़, क्या रहे इंतजाम?
जन्माष्टमी का उत्साह मुंबई में भी देखने को मिला। चौपाटी स्थित इस्कॉन मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंगला आरती और विशेष पूजा में शामिल हुए। देश के प्रमुख धार्मिक केंद्रों में भक्तों की भीड़ लगातार जुटती रही। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के कारण भीड़ को नियंत्रित करना और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना अहम रहा। ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित इस्कॉन मंदिर समेत अन्य प्रमुख मंदिरों में पुलिस की मौजूदगी भी रखी गई। जन्माष्टमी हिंदू पंचांग के भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। इसे भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है।

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