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कठुआ में पाकिस्तानी नंबर वाली रिंग पहने कबूतर मिला, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट; जासूसी का शक या भटका हुआ पक्षी?

डेस्क: जम्मू-कश्मीर (J&K) के कठुआ जिले (Kathua district) में अंतरराष्ट्रीय सीमा (Kathua district)  के पास एक कबूतर मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क (Security agencies on alert.) हो गई हैं। हीरानगर के चन्न खत्रियां इलाके में मिले इस कबूतर के पैर में एक रिंग बंधी थी, जिस पर पाकिस्तानी टेलीकॉम कोड वाला मोबाइल नंबर दर्ज था। पुलिस ने कबूतर को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों में निगरानी भी बढ़ा दी गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कबूतर पाकिस्तान की ओर से किसी संदिग्ध गतिविधि के तहत आया था या फिर यह किसी व्यक्ति का पालतू पक्षी है, जो रास्ता भटककर भारतीय सीमा में पहुंच गया।
साउथएशियन कल्चरल इवेंट्स खोजना
खेत में मिला कबूतर, पैर की रिंग ने बढ़ाया शक
पुलिस के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे एक स्थानीय ग्रामीण अपने खेत में गया था। इसी दौरान उसकी नजर खेत में बैठे कबूतर पर पड़ी। शक होने पर ग्रामीण ने कबूतर को पकड़ लिया।
कबूतर के पैर में बंधी रिंग पर 03001717652 मोबाइल नंबर लिखा हुआ था। नंबर पर पाकिस्तानी टेलीकॉम कोड होने की जानकारी सामने आने के बाद ग्रामीण ने तुरंत स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को सूचना दी।
इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कबूतर को अपने कब्जे में ले लिया।

कबूतर मिलने के बाद जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उसके पैर में पाकिस्तानी मोबाइल नंबर वाली रिंग क्यों बंधी थी।
अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या कबूतर को सीमा पार से किसी तरह की जासूसी या संदिग्ध गतिविधि के लिए इस्तेमाल किया गया है। साथ ही यह संभावना भी जांची जा रही है कि कबूतर किसी व्यक्ति का पालतू हो और उड़ते हुए भटककर भारतीय क्षेत्र में आ गया हो।
साउथएशियन कल्चरल इवेंट्स खोजना
फिलहाल रिंग पर दर्ज मोबाइल नंबर समेत अन्य तथ्यों की तकनीकी जांच की जा रही है।
पुलिस ने कहा- अभी तक कुछ संदिग्ध नहीं मिला
हीरानगर थाना प्रभारी विक्रम शर्मा के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में अभी तक ऐसा कुछ सामने नहीं आया है, जिससे कबूतर के किसी संदिग्ध गतिविधि में शामिल होने की पुष्टि हो। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियां मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक कबूतर मिलने की वजह से सुरक्षा व्यवस्था को भी सतर्क रखा गया है।
2020 में भी पकड़ा गया था पाकिस्तानी कबूतर
कठुआ इलाके में इस तरह का मामला पहली बार सामने नहीं आया है। मई 2020 में भी अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास मनियारी गांव में एक कबूतर पकड़ा गया था।
उस समय पाकिस्तान के एक व्यक्ति ने वीडियो जारी कर दावा किया था कि उसने ईद के मौके पर कबूतर उड़ाया था और वह भटककर भारतीय क्षेत्र में पहुंच गया। जांच के बाद उस कबूतर को छोड़ दिया गया था।
जांच के बाद ही साफ होगी पूरी कहानी
फिलहाल कठुआ में मिले कबूतर को लेकर सुरक्षा एजेंसियां रिंग पर लिखे मोबाइल नंबर और उसके भारत पहुंचने की परिस्थितियों की पड़ताल कर रही हैं। अभी तक जासूसी या किसी आतंकी गतिविधि से इसका संबंध साबित नहीं हुआ है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह महज भटका हुआ पालतू पक्षी था या इसके पीछे कोई और वजह थी।

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