बिहार

530 राखियों से डाक विभाग को 1.80 लाख की कमाई

डेस्क: रक्षाबंधन के मौके पर विदेश में रह रहे भाइयों तक बहनों का स्नेह पहुंचाने में डाक विभाग ने अहम भूमिका निभाई. मुजफ्फरपुर से विदेश भेजी गयीं 530 राखियां रक्षाबंधन से पहले ही भाइयों तक पहुंचा दी गयीं . राखियों की बुकिंग और डिलीवरी से डाक विभाग को करीब 1.80 लाख रुपये का राजस्व मिला.

530 राखियों से डाक विभाग को 1.80 लाख की कमाई

 

डाकघर से मिले आंकड़ों के अनुसार, इस साल मुजफ्फरपुर से विदेश में रहने वाले भाइयों के लिए कुल 530 राखियां स्पीड पोस्ट और इंटरनेशनल पार्सल के माध्यम से भेजी गयीं. डाक विभाग ने इन राखियों की सेवा से करीब 1.80 लाख रुपये का राजस्व अर्जित किया.

 

अधिकारियों के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में इस बार विदेश भेजी जाने वाली राखियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. समय पर और सुरक्षित डिलीवरी के कारण लोगों का भरोसा डाक विभाग पर बना हुआ है.

 

सारी राखियाँ रक्षाबंधन से पहले पहुंचायी गई

 

राखियों की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए डाक विभाग ने विशेष इंतजाम किये थे. राखियों के लिए अलग छंटाई और वितरण व्यवस्था की गयी थी, ताकि त्योहार से पहले उन्हें संबंधित पते तक पहुंचाया जा सके.

डाक विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बुक की गयी सभी राखियां निर्धारित समय के भीतर पहुंचा दी गयीं. डिलीवरी के बाद बहनों द्वारा दिये गये मोबाइल नंबर पर इसकी सूचना भी भेजी गयी.

 

बारिश से बचाने के लिए वाटरप्रूफ लिफाफे

 

रक्षाबंधन के दौरान बारिश को देखते हुए डाक विभाग ने वाटरप्रूफ राखी लिफाफों की भी विशेष व्यवस्था की थी. इन लिफाफों की मांग अधिक रही. इसका उद्देश्य बारिश के कारण राखी और अन्य सामग्री को खराब होने से बचाना था.जिले के विभिन्न डाकघरों में रक्षाबंधन से पहले राखी भेजने वालों की भीड़ भी देखी गयी.

 

जिले से 14 हजार से अधिक राखियां भेजीं

 

डाक विभाग के अनुसार, मुजफ्फरपुर जिले के अलग-अलग डाकघरों से अब तक 14 हजार से अधिक राखियां राज्य के विभिन्न जिलों में भेजी गयी हैं. इसके अलावा विदेशों के लिए भी बड़ी संख्या में राखियों की बुकिंग हुई.

विशेष व्यवस्था के तहत राखियों की छंटाई और वितरण का काम तेज किया गया, ताकि दूर-दराज के इलाकों और विदेशों में रहने वाले भाइयों तक रक्षासूत्र समय पर पहुंच सके.

 

एक भी राखी डाकघर में नहीं बची

 

आरएमएस अधीक्षक आशुतोष आदित्य ने बताया कि डाकघर में बहनों ने भाइयों के लिए जो भी राखियां बुक करायी थीं, उन्हें समय के अनुसार पहुंचाया गया. पिछले साल की तुलना में इस बार विदेशों के लिए अधिक राखियां भेजी गयीं.

 

उन्होंने बताया कि प्रत्येक राखी की डिलीवरी के बाद बहनों के मोबाइल नंबर पर इसकी सूचना दी गयी. इस साल डाकघर में एक भी राखी लंबित नहीं है.

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