डेस्क: नेपाल (Nepal) में बाढ़ और फ्लैश फ्लड (flash floods) से मची तबाही के बीच भोपाल (Bhopal) के एक परिवार की चिंता बढ़ गई है। भोपाल निवासी देविका अधिकारी (Devika Adhikari) के बड़े भाई, छोटे भाई और दोनों भाभियां हादसे के बाद से लापता हैं। परिवार का कहना है कि 24 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन चारों से कोई संपर्क नहीं हो पाया है।
देविका अधिकारी ने बताया कि आखिरी बार बड़े भाई से फोन पर बात हुई थी। उस दौरान उन्होंने कहा था कि ‘सबकी जान खतरे में है’ और वे पहाड़ पर जाकर छिपे हुए हैं। परिवार के मुताबिक, उन्होंने बच्चों का ध्यान रखने की बात भी कही थी। इसके बाद से चारों से संपर्क टूट गया।
परिवार की बढ़ी चिंता
नेपाल में जारी आपदा के बीच भोपाल के नेपाली समाज और लापता लोगों के परिजनों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। देविका ने मीडिया से बातचीत में कहा कि लगातार संपर्क की कोशिश की जा रही है, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल रही है। मध्य प्रदेश सरकार ने नेपाल में फंसे लोगों और उनके परिजनों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 011-26772005 और व्हाट्सऐप नंबर 9818963273 जारी किया है।
392 लोगों की मौत, 1500 से ज्यादा लापता
नेपाल में बाढ़ के बाद आई भीषण तबाही में अब तक 392 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1500 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद 290 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिनकी तलाश जारी है।
भोटेकोशी नदी ने मचाई तबाही
नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है। बाढ़ से सड़क और परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 35 पुल और 45 सस्पेंशन ब्रिज बह गए हैं, जिससे कई इलाकों का संपर्क टूट गया है। ऐसे में नेपाल में फंसे भोपाल और मध्य प्रदेश के लोगों के परिजनों की नजर अब राहत-बचाव अभियान और प्रशासन से मिलने वाली हर जानकारी पर टिकी है।

