अंतरराष्ट्रीय

नेपाल से बहकर भारत आ रहे शव, UP के महराजगंज में 3 लाशें बरामद

डेस्क: नेपाल (Nepal) में आई बाढ़ के बाद अब नारायणी (गंडक) नदी में लापता लोगों के शव मिलने शुरू हो गए हैं. उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में सशस्त्र सीमा बल की राहत और बचाव टीम ने नारायणी नदी से तीन शव बरामद किए हैं. इन शवों में दो शव महिलाओं और एक शव पुरुष का है. इसके अलावा, भारतीय सीमा से महज तीन किलोमीटर पीछे नेपाल क्षेत्र में भी करीब एक दर्जन शवों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया है. नेपाल में मची तबाही के बाद भारत में भी प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है. एहतियात के तौर पर नेपाल से सटकर बहने वाली नदियों के किनारे बसे भारतीय गांवों को बुधवार से ही खाली कराया जा रहा है.

गंडक बैराज के सभी फाटक खोले गए
महराजगंज के जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि कल रात 8 बजे तक नेपाल से करीब डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. जलस्तर में भारी बढ़ोतरी को देखते हुए वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज के सभी फाटकों को खोल दिया गया है. तटीय और संवेदनशील गांवों में स्थिति पर नजर रखने के लिए राजस्व, स्वास्थ्य, वन विभाग के साथ-साथ NDRF और SDRF की टीमों को मुस्तैद रखा गया है. नेपाल से बहकर आ रहे लापता लोगों और शवों की तलाश के लिए जिला प्रशासन नावों के जरिए नदियों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहा है.

तबाही के साथ बह कर आ रहा सामान
महराजगंज के जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया, ‘रात में करीब डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिसके बाद हमारा पूरा प्रशासन मौके पर तैनात है. नेपाल से लकड़ी, प्लाईवुड और होम अप्लायंसेज बहकर आ रहे हैं. लोग इन्हें निकालने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए उन्हें नदी में न उतरने और सतर्क रहने की हिदायत दी जा रही है. इसके साथ ही लापता लोगों की तलाश का काम भी लगातार जारी है.’
रेस्क्यू में जुटी एसएसबी टीम
वहीं, सब इंस्पेक्टर एसएसबी अरुण पांडेय ने बताया, ‘नेपाल में आई त्रासदी के कारण वहां से बहकर आए तीन शवों (दो महिला और एक पुरुष) को हमारी बचाव टीम ने बरामद किया है. इसके अलावा भारतीय सीमा से तीन किलोमीटर पीछे नेपाल में भी दर्जनों शव मिले हैं. हमारी टीम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.’

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