राष्ट्रीय

रक्षाबंधन विशेष- शुभ दिशा, शुभ मुहूर्त और सही विधि से बांधे राखी

 

रक्षाबंधन का त्योहार भाई और बहन के प्यार का प्रतीक माना जाता है.

देशभर में रक्षाबंधन आज मनाया जा रहा है.

रक्षाबंधन के दिन भद्रा रहित समय में राखी बांधना शुभ माना जाता है.

आज देशभर में भाई बहन के प्यार भरे रिश्ते का पर्व रक्षाबंधन मनाया जा रहा है। इस शुभ घड़ी को और भी शुभ बनाने के लिए शुभ दिशा, शुभ मुहूर्त और सही विधि जान लीजिए।

श्रावण पूर्णिमा तिथि पर सुबह 5:57 बजे से सुबह 9:48 बजे तक राखी बांधने का सबसे उत्तम समय रहता है. इसके अलावा दोपहर में राखी बांधने के लिए अभिजीत मुहूर्त भी श्रेष्ठ रहता है, जो दोपहर 12:14 बजे से दोपहर 1:05 बजे तक रहेगा. सही समय पर राखी बांधने से भाई के जीवन में खुशहाली आती है. बहनों को शुभ समय देखकर ही अपने भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधना चाहिए. सही मुहूर्त में किया गया काम हमेशा अच्छा फल देता है.

 

थाली की तैयारी और बैठने की सही दिशा

 

राखी बांधने से पहले बहन को पूजा की थाली अच्छी तरह तैयार करनी चाहिए. थाली में राखी, रोली यानी कुमकुम, अक्षत यानी अखंडित चावल, दीपक और मिठाई रखनी चाहिए. इसके साथ ही आरती के लिए सब सामान तैयार रखना चाहिए. राखी बांधते समय भाई का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए. सही दिशा में बैठकर पूजा करने से काम में सफलता मिलती है. जब सब सामान थाली में सज जाए और भाई सही दिशा में बैठ जाए, तब पूजा शुरू करनी चाहिए. थाली में रखी हर एक चीज का पूजा में बहुत महत्व होता है. सही तरीके से रखी गई सामग्री से पूजा पूरी होती है. इस नियम का पालन करने से घर में शांति और प्यार बना रहता है.

 

तिलक लगाने और अक्षत चढ़ाने का नियम

 

पूजा शुरू करते समय सबसे पहले भाई के माथे पर कुमकुम या रोली का तिलक लगाएं. तिलक लगाने के बाद माथे पर अक्षत यानी साबुत चावल लगाएं. ध्यान रखें कि चावल टूटे हुए नहीं होने चाहिए. तिलक लगाने से भाई को जीवन में तरक्की मिलती है और माथे पर चमक आती है. इसके बाद भाई की दाहिनी कलाई पर राखी बांधनी चाहिए. राखी बांधते समय “ॐ येन बद्धो बलि राजा…” मंत्र का पाठ करना चाहिए. यह मंत्र बहुत पवित्र माना जाता है. सही विधि से तिलक लगाकर और मंत्र बोलकर राखी बांधने से भाई की रक्षा होती है. यह छोटा सा नियम रिश्ते को मजबूत बनाता है और भाई को हर परेशानी से दूर रखने में मदद करता है.

 

आरती उतारने और मिठाई खिलाने की विधि

 

राखी बांधने के बाद भाई की दीपक से आरती उतारनी चाहिए. आरती उतारते समय मन में भाई की लंबी उम्र की कामना करनी चाहिए. आरती करने से आसपास का वातावरण अच्छा बनता है और सब बुराइयां दूर हो जाती हैं. इसके बाद भाई को प्यार से मिठाई खिलानी चाहिए और उसका मुंह मीठा कराना चाहिए. मिठाई खिलाने से भाई और बहन के बीच मिठास बढ़ती है. इस प्रकार पूरी विधि के साथ रक्षाबंधन का त्यौहार संपन्न होता है. सही नियम से की गई पूजा से भाई और बहन दोनों को खुशी मिलती है. शास्त्रों में बताई गई इस विधि से त्यौहार मनाने पर घर में हमेशा सुख और समृद्धि बनी रहती है.

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