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25 अगस्त से प्रत्येक माह के चतुर्थ मंगलवार को आयोजित होगा “विद्यार्थी सहयोग शिविर

 

25 अगस्त से प्रत्येक माह के चतुर्थ मंगलवार को आयोजित होगा “विद्यार्थी सहयोग शिविर

विद्यार्थियों की शैक्षणिक समस्याओं का 30 दिनों में होगा समाधान, सुझाव भी किए जाएंगे प्राप्त

राज्य सरकार द्वारा आम नागरिकों की समस्याओं एवं शिकायतों के प्रभावी निदान के लिए पंचायतों एवं नगर निकायों में संचालित सहयोग शिविर की तर्ज पर अब विद्यार्थियों की शैक्षणिक समस्याओं के समाधान एवं शिक्षा के क्षेत्र में सुधार हेतु “विद्यार्थी सहयोग शिविर” का आयोजन किया जाएगा।

सात निश्चय-3 के अंतर्गत *“सबका सम्मान, जीवन आसान”* के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इसका आयोजन  25 अगस्त 2026 से प्रत्येक माह के चतुर्थ मंगलवार* को किया जाएगा।

चतुर्थ मंगलवार को अवकाश होने की स्थिति में शिविर अगले कार्य दिवस पर आयोजित होगा।

विद्यार्थी सहयोग शिविर का आयोजन सभी सरकारी शैक्षणिक संस्थानों एवं संबंधित छात्रावासों में किया जाएगा। इसमें विश्वविद्यालय, अंगीभूत महाविद्यालय, अभियंत्रण एवं चिकित्सा महाविद्यालय, पॉलीटेक्निक, आईटीआई, पारा मेडिकल महाविद्यालय, नर्सिंग स्कूल, सिमुलतला आवासीय विद्यालय सहित विभिन्न कल्याण विभागों द्वारा संचालित छात्रावास एवं विशेष विद्यालय शामिल हैं।

शैक्षणिक समस्याओं की ऑनलाइन शिकायत एवं सुझाव की सुविधा

संबंधित संस्थानों के वास्तविक (Bonafide) छात्र विद्यार्थी सहयोग पोर्टल पर निबंधन कर अपनी शैक्षणिक समस्याओं की शिकायत दर्ज करा सकेंगे। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में सुधार एवं विकास के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव भी दे सकेंगे।

शिकायतों में समय पर कक्षाओं का संचालन नहीं होना, शिक्षकों/प्राध्यापकों की अनुपस्थिति, परीक्षा एवं परीक्षाफल में विलंब, अनाधिकृत शुल्क की वसूली, कक्षाओं में बिजली एवं बैठने की व्यवस्था, प्रयोगशाला, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, कोचिंग तथा अन्य शैक्षणिक एवं विधि-व्यवस्था से संबंधित समस्याएं शामिल हो सकती हैं।

30 दिनों में होगा शिकायतों का अंतिम निस्तारण*

विद्यार्थी सहयोग शिविर में प्राप्त शिकायतों का निर्धारित प्रक्रिया एवं मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार *अधिकतम 30 दिनों में अंतिम निस्तारण* सुनिश्चित किया जाएगा। प्राप्त सुझावों को संबंधित प्रशासी विभाग द्वारा समेकित किया जाएगा। उपलब्ध योजनाओं के अंतर्गत लागू किए जा सकने वाले सुझावों पर विभागीय स्तर से निर्धारित अवधि में कार्रवाई की जाएगी, जबकि अन्य सुझावों पर उच्चस्तरीय शिक्षा सुधार समिति द्वारा विचार कर निर्णय लिया जाएगा।

हर शिविर में उपलब्ध रहेगी कियोस्क की सुविधा

शिविर के दिन संबंधित संस्थान में कंप्यूटर, प्रिंटर एवं इंटरनेट सुविधा से युक्त कियोस्क स्थापित किया जाएगा। इसके संचालन के लिए संबंधित विभाग द्वारा स्थानीय पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। बड़े हॉल अथवा उपयुक्त स्थल पर शिविर आयोजित कर बैनर एवं पोस्टर के माध्यम से विद्यार्थियों को इसकी जानकारी दी जाएगी।

प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारियों की रहेगी प्रतिनियुक्ति

जिला पदाधिकारी/पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रत्येक शिविर में एक प्रशासनिक एवं एक पुलिस पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। आवश्यकता के अनुसार संवेदनशील शिविरों में पुलिस बल भी तैनात किया जाएगा। संबंधित जिला स्तरीय पदाधिकारी संपूर्ण जिले में आयोजित शिविरों का निरीक्षण एवं प्रबोधन सुनिश्चित करेंगे तथा शिविर के दिन संध्या में समेकित प्रतिवेदन प्रशासी विभाग को उपलब्ध कराएंगे। *जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा भी शिविरों का भ्रमण किया जाएगा।

शिकायत से असंतुष्ट होने पर राज्य स्तर पर सुनवाई का प्रावधान

विद्यार्थी सहयोग पोर्टल पर निस्तारित शिकायत से असंतुष्ट विद्यार्थी अपनी शिकायत की सुनवाई  मुख्यमंत्री, बिहार के स्तर पर प्रत्येक माह के द्वितीय मंगलवार को आयोजित राज्य स्तरीय सहयोग शिविर में करा सकेंगे।

विद्यार्थी सहयोग पोर्टल से संबंधित जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। संबंधित जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं आईटी प्रबंधक अपने जिले में मास्टर ट्रेनर के रूप में कार्य करेंगे। वहीं, प्रशासी विभाग द्वारा विभागीय स्तर पर नोडल पदाधिकारी भी नामित किया गया है।

इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनके सुझावों को शिक्षा व्यवस्था के निरंतर सुधार का आधार बनाना है, ताकि राज्य के प्रतिभाशाली एवं मेहनती विद्यार्थी *समृद्ध बिहार एवं विकसित भारत के निर्माण में प्रभावी भागीदारी निभा सकें।

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