डेस्क : सिवान इंजीनियरिंग कॉलेज में नाबालिग महिला सफाईकर्मी द्वारा एक कर्मचारी पर जबरदस्ती करने का आरोप लगाने का मामला सामने आया है. मामले में अनुसूचित जाति/जनजाति न्यायालय की ओर से नामजद आरोपियों सूर्यकांत सिंह एवं प्रिंस कुमार के खिलाफ उपस्थिति के लिए सम्मन जारी किया गया. आरोपियों के उपस्थित नहीं होने पर न्यायालय ने 29 मई को इनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया. हालांकि, दोनों आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं. इसे लेकर मंगलवार को भी इंजीनियरिंग कॉलेज में पुलिस पहुंची थी.
मामला एसएलपी-122/2025 से संबंधित है. उपलब्ध न्यायालयी विवरण के अनुसार, परिवाद संख्या 10/2024 एवं 122/23 से जुड़े मामले में परिवादिनी की ओर से लगाए गए आरोपों और जांच के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन किया गया.
परिवादिनी ने आरोप लगाया कि 26 नवंबर 2022 को दोपहर करीब एक बजे आरोपी संख्या-2 ने उसे पीछे से पकड़कर गलत काम करने का प्रयास किया और उसके साथ जोर-जबरदस्ती की. शिकायत करने पर आरोपी संख्या-1 पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौज, मारपीट और काम से हटाने का आरोप लगाया गया है.
मामले की जांच के दौरान गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए. न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत परिवाद-पत्र, शपथ-पत्र और जांच साक्ष्यों के आधार पर नामजद आरोपियों सूर्यकान्त सिंह एवं प्रिंस कुमार के विरुद्ध भारतीय दंड विधान की विभिन्न धाराओं तथा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत प्रथम दृष्टया मामला बनता पाए जाने का उल्लेख किया गया है.
न्यायालय ने आरोपियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सम्मन जारी करने का आदेश दिया. साथ ही, संबंधित आवश्यक सामग्री न्यायालय में प्रस्तुत करने के लिए परिवादिनी को भी निर्देशित किया गया. आरोपियों के उपस्थित नहीं होने पर न्यायालय ने 29 मई को इनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था. इसकी तामील के लिए 18 अगस्त को पुलिस कॉलेज पहुंची. लेकिन, आरोपी अब तक पुलिस की पहुंच से बाहर हैं.

