नई दिल्ली: बीजेपी छोड़ने के बाद शहजाद पूनावाला ने अपने फैसले की वजह खुलकर सामने रखी है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि राजनीति में सक्रिय रहने के बावजूद घर-परिवार की जिम्मेदारियां अपनी जगह हैं। मकान मालिक को हर महीने किराया चाहिए और राजनीतिक दल कार्यकर्ताओं को वेतन नहीं देते।
पूनावाला ने कहा कि पार्टी के लिए 24 घंटे समर्पित रहना उनके लिए अब संभव नहीं था। उन्होंने अपनी मां की देखभाल और निजी जिम्मेदारियों का भी जिक्र किया। हालांकि उन्होंने साफ किया कि बीजेपी छोड़ने का मतलब विचारधारा से दूरी बनाना नहीं है।
उनके मुताबिक, किसी राजनीतिक आंदोलन से जुड़ना नौकरी करने जैसा नहीं है और पार्टी से अपने घर का खर्च उठाने की उम्मीद भी नहीं की जा सकती। यही वजह है कि अब उन्हें अपने निजी और आर्थिक जीवन के बीच संतुलन बनाना जरूरी लगा।
कांग्रेस में वापसी के सवाल पर शर्त-
कांग्रेस में दोबारा लौटने के सवाल पर पूनावाला ने पहले इसे खारिज करने के अंदाज में जवाब दिया, लेकिन बाद में अपनी शर्त भी बता दी। उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को नेतृत्व से हटाया जाए और नेहरू की गलतियों के लिए माफी मांगी जाए, तभी वह कांग्रेस में लौटने पर विचार करेंगे।
फिलहाल पूनावाला का कहना है कि बीजेपी छोड़ने के बावजूद वह सोशल मीडिया के जरिए अपनी राजनीतिक विचारधारा और विचारों को आगे रखते रहेंगे।
आशुतोष झा

