डेस्क : छाता की चीनी मिल शुरू कराने की मांग को लेकर चल रहे धरने के बीच सोमवार को गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने घोषणा की कि वह सितंबर में चीनी मिल का शिलान्यास कराएंगे।
सीएम योगी खुद शिलान्यास करने आएंगे।
समाजसेवी वृंदावन निवासी दीपक शर्मा कई दिनों से छाता चीनी मिल शुरू कराने को लेकर धरने पर बैठे हैं। उनका पूर्व सैनिक और अन्य लोगों ने समर्थन भी किया। चीनी मिल को लेकर सियासत तेज हो गई है।
गन्ना के साथ किसान कर सकेंगे ज्वार, मक्का, धान की बिक्री
अपने मयूर विहार स्थित आवास पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने कहा कि मेरे गन्ना मंत्री बनने के बाद गन्ना विभाग को 240 करोड़ रुपये छाता चीनी मिल के लिए मिले थे। तकनीकी कारणों से कार्य शुरू नहीं हो सका। टेंडर भी नहीं आए। चीनी मिल में 10 हजार कुंतल गन्ना प्रतिदिन पेरा जाएगा। गन्ना जितने दिन चलेगा, उतने दिन पेराई होगी। चार-पांच माह चलने के बाद गन्ना की पेराई बंद हो जाती है, युवा बेरोजगार हो जाते हैं।
चीनी मिल के साथ लगेगा एथेनॉल प्लांट, लोगों को मिलेगा रोजगार
मंत्री लक्ष्मी नारायण ने कहा कि चीनी मिल के संचालन में परेशानी आती है, इसलिए सोचा गया, दोहरा प्लांट तैयार किया जाए, शेष माह में एथेनाल आदि बनाने में धान, मक्का की सप्लाई हो सकेगी, इससे 12 माह प्लांट चलेगा। रोजगार क्षेत्र में गन्ना को बढ़ावा मिलेगा। गन्ना के बढ़ने के साथ ही चीनी मिल की क्षमता में भी वृद्धि की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से समय लेकर सितंबर में शिलान्यास कराया जाएगा और अगले वर्ष तक चीनी मिल शुरू कराई जाएगी।
तकनीकी कारण से अभी शुरू नहीं हुई मिल
जिलाध्यक्ष निर्भय पांडेय ने बताया कि गन्ना विकास व चीनी मिल मंत्री से चीनी मिल शुरू न होने के कारण पूछा गया है। उन्होंने कुछ तकनीकी कारण बताए हैं। अब चीनी मिल के साथ एथेनाल प्लांट भी शुरू होगा। इसमें किसान मक्का, धान, ज्वार दे सकेंगे। सितंबर में मुख्यमंत्री द्वारा शिलान्यास कराने की बात हुई है। किसान संघर्ष समिति ने भी चीनी मिल शुरू कराने के लिए ज्ञापन दिया। मनोज फौजदार, महामंत्री सतपाल चौधरी, अमन ठाकुर, सौरभ जैन, प्रेम सिंह मौजूद रहे।

