डेस्क: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ रांची में छात्रों का आंदोलन जारी है। इसी बीच सरकार ने प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों को बातचीत के लिए बुलाया है। प्रशासन की ओर से आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को 17 अगस्त को दोपहर 2 बजे स्टेट गेस्ट हाउस में बैठक के लिए आमंत्रित किया गया है।
प्रशासन ने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर दिया न्योता
अपर जिला मजिस्ट्रेट धनंजय कुमार प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और धरने पर बैठे छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने आंदोलनकारी अभ्यर्थियों को सरकार के साथ होने वाली बैठक की जानकारी दी और प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत में शामिल होने का आग्रह किया।
धनंजय कुमार ने बताया कि छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को उनके कानूनी सलाहकार के साथ दोपहर 2 बजे बैठक के लिए बुलाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बातचीत किसी निचले स्तर के अधिकारी के साथ नहीं होगी, बल्कि सरकार की ओर से मंत्रियों का समूह इसमें शामिल होगा।
बैठक स्टेट गेस्ट हाउस में प्रस्तावित है। प्रशासन का कहना है कि वह इसी बैठक का निमंत्रण देने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचा था।
15 दिन से भूख हड़ताल पर छात्र
आंदोलन के दौरान कई छात्र भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं। छात्र नेता देवेंद्र महतो ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि भूख हड़ताल का 15वां दिन बेहद गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। उन्होंने सरकार के बातचीत के लिए बुलाने को उम्मीद की किरण बताया और उम्मीद जताई कि वार्ता का परिणाम सकारात्मक रहेगा।
देवेंद्र महतो ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में ऐसा स्थायी सुधार होना चाहिए, जिससे आने वाली पीढ़ियों को अपने अधिकारों के लिए उसी तरह संघर्ष न करना पड़े जैसा मौजूदा समय में युवा कर रहे हैं। उन्होंने ऐसी शिक्षा व्यवस्था की मांग की, जिसका लाभ लंबे समय तक विद्यार्थियों को मिल सके।
प्रेम नायक ने जताई नाराजगी
अनशन पर बैठे छात्र प्रदर्शनकारी प्रेम नायक ने आंदोलन के 23वें दिन और अपनी भूख हड़ताल के 13वें दिन सरकार पर गंभीरता नहीं दिखाने का आरोप लगाया। उन्होंने अपनी तबीयत को लेकर भी चिंता जताई। प्रेम नायक के मुताबिक, उन्हें बुखार आया है और प्रशासन ने इलाज के लिए ले जाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। प्रेम नायक ने बताया कि मुख्यमंत्री आवास के घेराव को लेकर चर्चा चल रही है, हालांकि अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
जेल भरो और शिक्षण संस्थान बंद करने का सुझाव
प्रेम नायक ने आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए जेल भरो आंदोलन और स्कूल-कॉलेज बंद कराने जैसे विकल्पों का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के बजाय जेल भरो आंदोलन पर विचार किया जा सकता है। साथ ही सभी स्कूल और कॉलेज बंद कराने के विकल्प को भी उन्होंने आंदोलन के संभावित तरीकों में शामिल किया।
अब सभी की नजरें स्टेट गेस्ट हाउस में होने वाली बैठक पर हैं। छात्रों और सरकार के बीच होने वाली इस बातचीत से JPSC और JSSC परीक्षाओं से जुड़े विवाद के समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की उम्मीद की जा रही है।

