डेस्क: मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के रायपुर भदेशवा गांव (Raipur Bhadeshwa Village) में एक मकान के भीतर चल रही प्रार्थना सभा को लेकर विवाद खड़ा हो गया। बजरंग दल और श्रीराम सनातन सेवा समिति (Shri Ram Sanatan Seva Samiti) के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि गरीब ग्रामीणों को कथित तौर पर दो बकरी, पानी की टंकी, नौकरी और इलाज जैसी सुविधाओं का प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और पादरी चंद्रिका प्रसाद समेत कुछ लोगों को पूछताछ के लिए थाने ले गई।
प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण का आरोप
हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि रायपुर भदेशवा गांव में लंबे समय से प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही थी। उनका दावा है कि सभा में आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीणों को कथित तौर पर अलग-अलग तरह के लाभ देने का भरोसा देकर धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जा रहा था।
कार्यकर्ताओं के मुताबिक, मौके से एक डायरी और धार्मिक पुस्तकें मिली हैं। आरोप है कि डायरी में लोगों को दो बकरी देने और उनके घर में पानी की टंकी बनवाने जैसे कथित प्रलोभनों का उल्लेख किया गया है। कार्यकर्ताओं ने यह आरोप भी लगाया कि पादरी कथित तौर पर हिंदू नाम का इस्तेमाल कर लोगों को भ्रमित करता था।
पुलिस ने पादरी समेत कुछ लोगों से की पूछताछ
विवाद की सूचना मिलने के बाद मोहनलालगंज पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पादरी चंद्रिका प्रसाद समेत वहां मौजूद कुछ लोगों को पूछताछ के लिए थाने ले गई।
पुलिस के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में प्रार्थना सभा में मौजूद लोगों ने बताया कि वे अपनी इच्छा से वहां पहुंचे थे। थाना प्रभारी के मुताबिक, जांच में यह जानकारी भी सामने आई है कि संबंधित स्थान पर वर्ष 2009-10 से चर्च या प्रार्थना सभा संचालित होने की बात सामने आई है। घटना के समय वहां करीब चार से पांच लोग मौजूद थे।
पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी व्यक्ति की ओर से धर्मांतरण या जबरन प्रलोभन दिए जाने को लेकर लिखित शिकायत नहीं मिली है। मामले की जांच की जा रही है और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
हिंदू संगठनों ने पुलिस पर लगाए आरोप
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज करने में टालमटोल की। उनका कहना है कि पुलिस की ओर से प्रत्यक्ष पीड़ित के सामने आने के बाद कार्रवाई करने की बात कही गई। हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच करने की बात कह रही है।
हिंदू महासभा ने की सख्त कानून की मांग
मामले के बीच अखिल भारत हिंदू महासभा ने भी धर्मांतरण के खिलाफ कड़े कानून की मांग उठाई है। संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन भेजकर आरोप लगाया कि प्रदेश के कुछ इलाकों में चंगाई सभा के नाम पर कथित तौर पर धर्मांतरण कराया जा रहा है।
संगठन ने आरोप लगाया कि गरीब, मजदूर और वंचित वर्ग के लोगों को नौकरी, इलाज, शिक्षा और आर्थिक मदद जैसी सुविधाओं का कथित प्रलोभन दिया जाता है। इसके अलावा बिना प्रशासनिक अनुमति के चर्च और प्रार्थना सभाएं आयोजित किए जाने का भी दावा किया गया है।
फिलहाल मोहनलालगंज पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

