डेस्क: ईरान-अमेरिका जंग (Iran-US conflict) के बीच समुद्री मोर्चे पर तनाव और बढ़ गया है. यमन के हूती विद्रोहियों (Houthi rebels) के हमले में बाब अल-मंदेब स्ट्रेट (Bab al-Mandeb Strait) के पास एक कमर्शियल जहाज (Commercial ships) के चार क्रू सदस्यों की मौत हो गई. वहीं, जहाज को बचाने पहुंचे हूती विरोधी सैन्य समूह के दो यमनी रेस्क्यूकर्मी भी मारे गए. यह ईरान युद्ध शुरू होने के बाद समुद्री जहाजों पर हूती हमले में पहली बड़ी जानलेवा घटना बताई जा रही है.
इसी बीच ईरान ने भी साफ कर दिया है कि अमेरिका उसकी शर्तें नहीं मानता, तब तक होर्मुज स्ट्रेट को शिपिंग के लिए नहीं खोला जाएगा. ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी मोहसिन रेजाई के मुताबिक, अमेरिका को अपना रुख बदलना होगा और ईरान की विदेशों में फ्रीज संपत्तियों को जारी करने समेत उसकी शर्तें माननी होंगी.
बाब अल-मंदेब में जहाज पर हूती हमला
यमन के परिवहन मंत्रालय के मुताबिक, मिस्र के स्वामित्व वाले छोटे कार्गो जहाज तिहामा को बाब अल-मंदेब के पास निशाना बनाया गया. हूती की नियंत्रण वाली मीडिया ने दावा किया कि हमला सऊदी अरब के जहाज को निशाना बनाकर किया गया था, जो कथित तौर पर सैन्य उपकरण ले जा रहा था. बाब अल-मंदेब लाल सागर को अदन की खाड़ी और आगे हिंद महासागर से जोड़ने वाला बेहद अहम समुद्री रास्ता है.
अमेरिका ने भी जहाज पर दागी मिसाइल
इसी दिन अमेरिका ने भी समुद्री मोर्चे पर कार्रवाई की. अमेरिकी सेना के मुताबिक, एक पनामा-फ्लैग वाले कार्गो जहाज ने ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकाबंदी का उल्लंघन किया, जिसके बाद अमेरिकी नौसेना के एमएच-60 हेलिकॉप्टर ने दो हेलफायर मिसाइल दागकर जहाज के स्टीयरिंग सिस्टम को निष्क्रिय कर दिया. इस घटना में किसी के मारे जाने की खबर नहीं है.
होर्मुज पर ईरान का बड़ा ऐलान
दूसरी तरफ ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अपना रुख और सख्त कर दिया है. सिक्योरिटी काउंसिल के मोहसिन रेजाई ने कहा कि जब तक अमेरिका अपना व्यवहार नहीं बदलता और ईरान की शर्तें स्वीकार नहीं करता, तब तक यह रणनीतिक समुद्री रास्ता बंद रहेगा. होर्मुज दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में शामिल है. यहां जारी संकट ने पहले ही वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर दबाव बढ़ा दिया है.

