अंतरराष्ट्रीय

जंगल से ड्रोन दाग रहे हूती लड़ाके, सऊदी की तेल फैसिलिटी पर हमला, जारी किया वीडियो

डेस्क: यमन (Yemen) के हूती विद्रोहियों (Houthi Rebels) ने सऊदी अरब (Saudi Arabia) और यमन के रणनीतिक इलाकों में किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों (Missile and drone attacks) का वीडियो जारी किया है। फुटेज में हूती लड़ाके खुले मैदानों और जंगलों के बीच से मिसाइल व ड्रोन लॉन्च करते दिखाई दे रहे हैं। लॉन्चिंग का तरीका ऐसा नजर आ रहा है, जैसे गुलेल से निशाना साधकर प्रोजेक्टाइल छोड़े जा रहे हों। यह वीडियो ऐसे समय सामने आया है, जब हूतियों ने सऊदी अरब की एक अहम तेल सुविधा और यमन के मोखा बंदरगाह को निशाना बनाने का दावा किया है।
सऊदी में अरामको रिफाइनरी पर ड्रोन हमले का दावा
जारी वीडियो में एक के बाद एक मिसाइल और ड्रोन लॉन्च होते दिखाई दे रहे हैं। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि हमलों में सऊदी सैनिकों की मौजूदगी वाले इलाकों और हथियारों के गोदामों को निशाना बनाया गया। हूतियों ने सऊदी अरब के जिजान में स्थित अरामको रिफाइनरी पर भी ड्रोन हमला करने का दावा किया। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने रिफाइनरी से जुड़ी एक सुविधा में आग लगने की पुष्टि की है। हालांकि, आग पर बाद में काबू पा लिया गया और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

मोखा बंदरगाह पर भी बरसाए मिसाइल और ड्रोन
हूतियों के हमलों में यमन का मोखा बंदरगाह भी प्रमुख निशाना रहा। यह बंदरगाह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के नियंत्रण वाले क्षेत्र में आता है और लाल सागर के महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के करीब स्थित है। यमनी सरकार से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, हमले में कम से कम 7 लोगों की मौत हुई। मृतकों में 4 सैनिक और 3 नागरिक शामिल हैं, जबकि 30 नागरिक घायल हुए। हमले में बंदरगाह की इमारतों, पियर्स और वहां रखे सामान को भी नुकसान पहुंचा।
मिसाइल-ड्रोन के साथ मानवरहित नाव के इस्तेमाल की कोशिश
हूतियों ने दावा किया कि यह हमला सऊदी ड्रोन के यमन के हज्जाह और सादा प्रांतों में घुसने के जवाब में किया गया। यमनी सेना के अनुसार, हमले के दौरान मिसाइल और ड्रोन के अलावा विस्फोटकों से लदी एक मानवरहित नाव के इस्तेमाल की कोशिश भी की गई।
2022 के बाद फिर बढ़ सकती है क्षेत्रीय चिंता
इन हमलों ने यमन में 2022 के बाद से बनी अपेक्षाकृत शांत स्थिति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मोखा बंदरगाह बाब-अल-मंदेब के करीब है, जो वैश्विक समुद्री व्यापार के प्रमुख मार्गों में शामिल है। ऐसे में इस इलाके में हिंसा बढ़ने का असर केवल यमन और सऊदी अरब तक सीमित नहीं रह सकता। इससे पूरे क्षेत्र की शिपिंग व्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है।

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