बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए निकले श्रद्धालुओं के रास्ते में मौसम दीवार बनकर खड़ा हो गया है!
लगातार बारिश और खराब मौसम के चलते अमरनाथ यात्रा को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है।

8 अगस्त को जम्मू से अमरनाथ यात्रा के नए जत्थे को आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई, क्योंकि खराब मौसम के साथ जम्मू-श्रीनगर हाईवे की स्थिति पर भी प्रशासन नजर बनाए हुए है।
इसके अलावा, 9 अगस्त से पहलगाम और बालटाल—दोनों रूटों पर यात्रा अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया गया है। लगातार बारिश के कारण यात्रा मार्ग के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा है और संवेदनशील जगहों पर रास्तों को सुरक्षित बनाने के लिए ट्रैक की मरम्मत और बहाली का काम किया जाएगा।
दरअसल, अमरनाथ यात्रा का करीब 57 दिनों का कार्यक्रम 3 जुलाई 2026 से शुरू हुआ था। पहलगाम और बालटाल दोनों रास्तों से श्रद्धालु पवित्र गुफा तक पहुंचते हैं। लेकिन ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में मौसम तेजी से बदलता है और भारी बारिश के दौरान रास्तों पर फिसलन, भूस्खलन और दूसरे खतरे बढ़ जाते हैं।
यही वजह है कि प्रशासन मौसम की स्थिति और यात्रा मार्ग की सुरक्षा को देखते हुए चरणबद्ध तरीके से फैसले ले रहा है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग और संबंधित एजेंसियां अमरनाथ रूट पर मौसम की निगरानी के लिए ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन, सैटेलाइट और रडार आधारित सिस्टम का इस्तेमाल करती हैं, ताकि यात्रियों की सुरक्षा के लिए समय रहते चेतावनी जारी की जा सके।
आस्था का सफर अपनी जगह है, लेकिन पहाड़ों में मौसम से बड़ा कोई खतरा नहीं।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता साफ है l पहले रास्ते सुरक्षित होंगे, फिर बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए यात्रा आगे बढ़ेगी।
अब नजर इस बात पर है कि मौसम कब सुधरता है और यात्रा दोबारा कब पूरी तरह शुरू होती है।

