डेस्क: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है. यहां तीन युवकों पर केबल चोरी का शक जताते हुए दर्जनों लोगों ने उन्हें पकड़ लिया और बेरहमी से पीटा. इतना ही नहीं, युवकों के गले में कंटीले तार बांधकर पूरे इलाके में जुलूस निकाला गया. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सुर्खियों में आ गया है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि वायरल वीडियो में दो पुलिसकर्मी भी दिखाई दे रहे हैं जबकि एक युवक की पिटाई होती नजर आ रही है. अब पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है.
मामला छिंदवाड़ा जिले के इकलहरा स्थित डब्ल्यूसीएल क्षेत्र का है. बताया जा रहा है कि स्थानीय लोगों को तीन युवकों पर केबल या तार चोरी करने का संदेह हुआ. इसके बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए. आरोप है कि करीब 70 से 80 लोगों की भीड़ ने तीनों युवकों को घेर लिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी.
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक युवक को चप्पलों, लात-घूंसों और थप्पड़ों से पीटा जा रहा है. वहीं अन्य दो युवकों के गले में कंटीले तार डालकर उन्हें भीड़ के बीच घुमाया जा रहा है. वीडियो में मौजूद लोग तमाशबीन बने दिखाई देते हैं. सबसे अहम बात यह है कि इसी दौरान दो पुलिसकर्मी भी मौके पर नजर आते हैं, लेकिन वीडियो में वे मारपीट रोकते हुए दिखाई नहीं देते. इसी वजह से पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.
घटना का वीडियो सामने आने के बाद चांदामेटा थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. थाना प्रभारी खेलचंद पटले के मुताबिक यह घटना दो दिन पुरानी बताई जा रही है. पुलिस वायरल वीडियो की सत्यता की जांच कर रही है और मारपीट करने वाले लोगों की पहचान की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस ने तीनों युवकों से पूछताछ भी शुरू कर दी है. यह पता लगाया जा रहा है कि क्या वे वास्तव में केबल चोरी की किसी घटना में शामिल थे या नहीं. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इलाके में पहले हुई चोरी की वारदातों से उनका कोई संबंध है या नहीं. पुलिस का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति पर चोरी का संदेह हो तो कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है. किसी भी आरोपी को पकड़कर मारपीट करना, सार्वजनिक रूप से अपमानित करना या जुलूस निकालना कानूनन अपराध है. वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान की जा रही है.

