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बिहार MLC चुनाव: प्रशांत किशोर का बड़ा दांव, 5 सीटों पर उतारे उम्मीदवार

डेस्क: जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने रविवार को बिहार विधान परिषद की 5 सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. इन सीटों पर राज्य में बहुत जल्द ही चुनाव होने की उम्मीद है. बिहार में आठ सीटों पर चुनाव होने वाले हैं. इनमें चार ग्रेजुएट और चार टीचर कोटे की सीटें हैं. इन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल नवंबर में खत्म हो रहा है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में किशोर ने जिन पांच उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की, उनमें अफाक अहमद भी शामिल हैं. ये सारण टीचर निर्वाचन क्षेत्र से दोबारा चुनाव लड़ेंगे. उन्होंने 6 साल पहले भी इसी सीट से जीत हासिल की थी, तब उन्हें पूर्व चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर का समर्थन मिला था. ये उस समय की बात है जब तक उन्होंने अपनी पार्टी नहीं बनाई थी.
किशोर ने कहा, हम चंपारण से शुरुआत करेंगे, जहां हमारा पहले से ही एक MLC, अफाक अहमद हैं. जन सुराज उनकी उम्मीदवारी को दोहरा रहा है, इस उम्मीद और भरोसे के साथ कि शिक्षकों के प्रतिनिधि के तौर पर सदन में पहुंचने वाले पहले मुस्लिम विधायक सारण से एक बार फिर रिकॉर्ड वोटों से जीतेंगे. इसी उम्मीद और भरोसे के साथ, अफाक अहमद को शिक्षकों के निर्वाचन क्षेत्र के लिए चंपारण से जन सुराज का उम्मीदवार बनाया जा रहा है…

पिछले हफ्ते पार्टी में शामिल हुईं वकील और शिक्षाविद् से नेता बनीं दिव्या ज्योति को पटना टीचर निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया गया है. इस सीट पर अभी JD(U) के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार का कब्जा है. उन्होंने बताया कि पार्टी ने दरभंगा टीचर निर्वाचन क्षेत्र से एस पी राय, दरभंगा ग्रेजुएट सीट से रवींद्र यादव और कोसी ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र से रजनीश रंजन को भी मैदान में उतारा है.
उन्होंने कहा, “हम दूसरी पार्टियों की तरह यह नहीं कह रहे हैं कि हमें वोट दें और बिहार में हमारी सरकार बनाएं और फिर हम आपकी मदद करेंगे. मैं शिक्षकों से कह रहा हूं कि जन सुराज की अगुवाई में या हमारे साथ मिलकर जो संघर्ष समिति हम बना रहे हैं, उसमें लगभग 6 लाख शिक्षकों को एक साथ आना चाहिए. सभी शिक्षक और उनके संगठन वैसे ही काम करते रह सकते हैं, लेकिन जैसे देश ने देखा कि अलग-अलग संगठनों के किसान दिल्ली में एक साथ आए, एक संयुक्त संघर्ष समिति बनाई और देश की सरकार को झुकाया, वैसे ही जन सुराज शिक्षकों के संगठनों को एक मंच पर लाने और उनके लिए एक संघर्ष समिति बनाने की कोशिश करेगा.”

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