डेस्क: हिंदी सिनेमा (HindiCinema) की लोकप्रिय अभिनेत्री काजोल (Kajol) आज अपना 52वां जन्मदिन (Birthday) मना रही हैं। करीब 34 वर्षों के अपने फिल्मी सफर में उन्होंने अभिनय (Acting) की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने उन्हें बॉलीवुड (Bollywood) की सबसे सफल अभिनेत्रियों की सूची में शामिल कर दिया। अपने सहज अभिनय, दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और अलग-अलग तरह के किरदारों के दम पर काजोल ने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई है। जन्मदिन के अवसर पर उनके करियर से जुड़े कई ऐसे दिलचस्प तथ्य सामने आते हैं, जिन्होंने उन्हें भारतीय सिनेमा की एक अलग पहचान दिलाई।
काजोल का जन्म 5 अगस्त 1974 को मुंबई में एक प्रतिष्ठित फिल्मी परिवार में हुआ। उनकी मां तनूजा हिंदी सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री रही हैं, जबकि पिता शोमू मुखर्जी फिल्म निर्माता और निर्देशक थे। अभिनेत्री नूतन उनकी मौसी थीं और परिवार की कई पीढ़ियां फिल्म उद्योग से जुड़ी रही हैं। रानी मुखर्जी, अयान मुखर्जी और मोहनीश बहल जैसे कई चर्चित नाम भी उनके परिवार का हिस्सा हैं। शादी के बाद उनका ससुराल भी फिल्म जगत से जुड़ा रहा। अभिनेता अजय देवगन से विवाह के बाद वे फिल्मी दुनिया के एक और प्रतिष्ठित परिवार का हिस्सा बनीं।
काजोल ने महज 17 वर्ष की उम्र में वर्ष 1992 में फिल्म ‘बेखुदी’ से अभिनय की शुरुआत की थी। उस समय वह स्कूल की पढ़ाई कर रही थीं। शुरुआती दौर में ही उन्होंने अपनी स्वाभाविक अभिनय शैली से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया और जल्द ही बॉलीवुड की प्रमुख अभिनेत्रियों में शामिल हो गईं। वर्ष 1995 उनके करियर का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ, जब ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ ने उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया। इस फिल्म के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का प्रतिष्ठित पुरस्कार भी मिला और यह फिल्म भारतीय सिनेमा की सबसे यादगार फिल्मों में गिनी जाने लगी।
वर्ष 1997 में रिलीज हुई फिल्म ‘गुप्त’ काजोल के करियर की सबसे अलग फिल्मों में मानी जाती है। इस फिल्म में उन्होंने नकारात्मक किरदार निभाकर दर्शकों को चौंका दिया। उनके अभिनय को इतनी सराहना मिली कि वह नकारात्मक भूमिका के लिए प्रमुख फिल्म पुरस्कार जीतने वाली पहली महिला अभिनेत्री बनीं। यह उपलब्धि उनके अभिनय की विविधता और चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं निभाने की क्षमता को दर्शाती है।
काजोल की जोड़ी अभिनेता शाहरुख खान के साथ हिंदी सिनेमा की सबसे सफल ऑनस्क्रीन जोड़ियों में गिनी जाती है। दोनों ने साथ में कई सुपरहिट और ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं, जिनमें ‘बाजीगर’, ‘करण अर्जुन’, ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’, ‘कुछ कुछ होता है’ और ‘कभी खुशी कभी गम’ जैसी फिल्में शामिल हैं। उनकी सहज केमिस्ट्री आज भी दर्शकों की पसंद बनी हुई है।
निर्देशक करण जौहर के साथ भी काजोल का विशेष रिश्ता रहा है। करण उन्हें अपना लकी चार्म मानते हैं और उनकी कई फिल्मों में काजोल महत्वपूर्ण भूमिका या विशेष उपस्थिति में नजर आई हैं। हिंदी फिल्मों के अलावा काजोल ने तमिल सिनेमा में भी काम किया और बाद के वर्षों में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी सफल शुरुआत की। ‘त्रिभंगा’, ‘द ट्रायल’, ‘लस्ट स्टोरीज 2’, ‘दो पत्ती’ और ‘सरजमीं’ जैसे प्रोजेक्ट्स में उनके अभिनय को सराहा गया। अभिनय के प्रति उनका समर्पण और लगातार नए किरदार स्वीकार करने का साहस उन्हें आज भी बॉलीवुड की सबसे प्रभावशाली अभिनेत्रियों में बनाए हुए है।

