डेस्क: कर्नाटक पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा (Karnataka Police Constable Recruitment Exam) में कथित अनियमितताओं को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे (Priyank Kharge) का एक वीडियो साझा करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा का आरोप है कि छात्रों के आंदोलन को लेकर कांग्रेस का रवैया दोहरा है और सत्ता में आने के बाद उसका व्यवहार बदल गया है।
भाजपा ने शेयर किया वीडियो
भाजपा के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से साझा किए गए वीडियो में प्रियांक खरगे कथित तौर पर कहते सुनाई दे रहे हैं कि यदि प्रदर्शनकारी छात्र पहले 25 दिन तक भूख हड़ताल करें, तो उसके बाद वह इस्तीफा देने को तैयार हैं।
वीडियो साझा करते हुए भाजपा ने आरोप लगाया कि यह बयान छात्रों की समस्याओं के प्रति असंवेदनशीलता दर्शाता है।
भाजपा ने क्या कहा?
भाजपा ने अपने बयान में कहा कि कर्नाटक के गृह मंत्री की टिप्पणी प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की परेशानियों का मजाक उड़ाने जैसी है। पार्टी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि विपक्ष में रहते हुए वह छात्रों के अधिकारों की बात करती है, लेकिन सत्ता में आने के बाद आंदोलन कर रहे युवाओं के प्रति उसका रवैया बदल जाता है।
भाजपा ने यह भी कहा कि कांग्रेस के लिए न्याय और संवेदनशीलता केवल राजनीतिक सुविधा तक सीमित है और समय-समय पर उसके दोहरे मापदंड सामने आते रहे हैं।
राजनीति
प्रियांक खरगे के बयान में क्या कहा गया?
भाजपा द्वारा साझा किए गए वीडियो के अनुसार, प्रियांक खरगे ने कहा,
“मैं इस्तीफा भी दे दूंगा। लेकिन पहले प्रदर्शनकारियों को 25 दिन तक भूख हड़ताल करने दो। इसके बाद भी अगर वे नहीं मानते हैं, तो पहले उन पर लाठीचार्ज किया जाएगा। उसके बाद मैं उसी तरह इस्तीफा दे दूंगा, जैसे दिल्ली में किया था।”
किस बात को लेकर हुआ था प्रदर्शन?
यह विवाद कर्नाटक के विजयपुरा जिले के टिकोटा में आयोजित पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा से जुड़ा है। शारदाम्बा पीयू कॉलेज स्थित परीक्षा केंद्र पर कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया था।
प्रदर्शनकारी उम्मीदवारों का आरोप था कि:
ओएमआर शीट के सीरियल नंबर और प्रश्न पत्र के सीरियल नंबर में मेल नहीं था।
परीक्षा प्रश्नपत्र निर्धारित समय से लगभग 30 मिनट की देरी से वितरित किए गए।
इन अनियमितताओं के विरोध में कई अभ्यर्थी परीक्षा कक्ष से बाहर निकल आए और परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
सियासी बयानबाजी तेज
परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर अब राजनीतिक दल आमने-सामने हैं। भाजपा इस मामले में कांग्रेस सरकार को घेर रही है, जबकि राज्य सरकार की ओर से अब तक इन आरोपों और भाजपा की आलोचना पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर भी सभी की नजर बनी हुई है।

