डेस्क: बांग्लादेश (Bangladesh) में 5 अगस्त से पहले सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई हैं। खुफिया इनपुट मिलने के बाद देशभर में पुलिस और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सरकारी वाहनों पर संभावित आतंकी या चरमपंथी हमलों की आशंका जताई गई है। इसी के मद्देनजर पुलिस मुख्यालय ने सभी इकाइयों को सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
ऑपरेशन्स कंट्रोल ब्रांच (OCB) की ओर से जारी आंतरिक निर्देश में पुलिस की जीप, ट्रक, बस और अन्य सरकारी वाहनों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। हालांकि, संभावित खतरे के स्रोत या किसी संगठन का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। यह अलर्ट ऐसे समय जारी हुआ है जब 5 अगस्त को बांग्लादेश में 2024 के हिंसक छात्र आंदोलन और तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना सरकार के पतन की दूसरी वर्षगांठ है।
सरकारी वाहनों की सुरक्षा के लिए सख्त निर्देश
पुलिस मुख्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, सभी जिलों और पुलिस इकाइयों को आदेश दिया गया है कि सरकारी वाहनों को चलते समय और पार्किंग के दौरान लगातार निगरानी में रखा जाए। किसी भी वाहन को बिना सुरक्षा या निगरानी के नहीं छोड़ा जाएगा। यहां तक कि थानों के परिसर में खड़े वाहनों पर भी विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी वाहन को कुछ समय के लिए रोकना पड़े, तो उसे सुरक्षित स्थान पर ही रखा जाएगा।
ढाका में संदिग्ध वस्तुएं मिलने के बाद बढ़ी चिंता
हाल के दिनों में राजधानी ढाका में कई संदिग्ध वस्तुएं मिलने की घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस के मुताबिक, मोतीझील मेट्रो स्टेशन पर एक लावारिस छाते के नीचे संदिग्ध रिमोट-कंट्रोल्ड विस्फोटक जैसा उपकरण मिलने के बाद बम निरोधक दस्ते ने उसे निष्क्रिय किया। वहीं दो अन्य मेट्रो स्टेशनों पर लावारिस बैग मिलने से भी हड़कंप मच गया था, लेकिन जांच में उनमें केवल पान और तंबाकू निकले।
सुरक्षा एजेंसियां बोलीं- कोई ठोस इनपुट नहीं, फिर भी सतर्कता जरूरी
काउंटर टेररिज्म एंड ट्रांसनेशनल क्राइम (CTTC) इकाई के प्रमुख मोहम्मद शमशुल हक ने कहा कि फिलहाल 5 अगस्त को लेकर किसी विशेष हमले या तोड़फोड़ की ठोस खुफिया जानकारी नहीं मिली है। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियां किसी भी जोखिम से बचने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं।
क्यों अहम है 5 अगस्त?
5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में छात्र आंदोलन हिंसक रूप ले गया था, जिसके बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी। इसके बाद शेख हसीना भारत चली गईं और अंतरिम सरकार का गठन हुआ। नई व्यवस्था ने कार्यकारी आदेश के जरिए अवामी लीग को चुनावी प्रक्रिया से बाहर कर दिया था। ऐसे में इस वर्ष 5 अगस्त को संभावित विरोध-प्रदर्शनों और सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए प्रशासन पहले से सतर्क है।
गृह मंत्री ने कहा- हर सूचना की हो रही जांच
गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने राजशाही में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि संदिग्ध वस्तुओं से जुड़ी हर सूचना की गंभीरता से जांच की जा रही है। उनके मुताबिक, देश में कानून-व्यवस्था नियंत्रण में है और तोड़फोड़ की घटनाओं में कमी आई है, लेकिन सरकार किसी भी संभावित खतरे को हल्के में नहीं ले रही। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में जारी एक अंतरराष्ट्रीय अपराध सूचकांक में ढाका को दक्षिण एशिया के सबसे अधिक अपराध-प्रभावित बड़े शहरों में शामिल किया गया है।

