एक पल में सब कुछ खत्म…
महाराष्ट्र के भिवंडी में शुक्रवार देर रात एक चार मंजिला रिहायशी इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसा इतना भयावह था कि आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कई परिवार मलबे में दब गए और मौके पर चीख-पुकार गूंज उठी।

हादसे की सूचना मिलते ही NDRF, फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। अब तक कई लोगों के शव मलबे से निकाले जा चुके हैं, जबकि कुछ घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आशंका जताई जा रही है कि मलबे के नीचे अभी भी कुछ लोग फंसे हो सकते हैं।
प्रशासन के मुताबिक यह इमारत काफी पुरानी थी और उसकी हालत को लेकर पहले भी चिंता जताई गई थी। फिलहाल हादसे की वजह की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि कहीं लापरवाही तो इस त्रासदी का कारण नहीं बनी।
एक इमारत का गिरना सिर्फ दीवारों का ढहना नहीं होता, बल्कि कई परिवारों के सपने भी उसी मलबे में दब जाते हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ऐसी घटनाएं बार-बार क्यों दोहराई जा रही हैं?

