राष्ट्रीय

नितिन गडकरी का E20 पर नया रुख.

डेस्क रिपोर्ट: देश में E20 पेट्रोल को लेकर चल रही बहस के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा है कि E20 नीति को बनाने या लागू करने में उनके मंत्रालय की कोई भूमिका नहीं है।   E20 यानी 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर जारी विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर याचिका में गडकरी ने कहा है कि एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम और E20 नीति का प्रशासनिक नियंत्रण पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के पास है, न कि सड़क परिवहन मंत्रालय के।गडकरी ने यह भी कहा कि वे कभी पेट्रोलियम मंत्रालय के प्रभारी नहीं रहे, इसलिए इस नीति के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।

वहीं, सोशल मीडिया पर AI-जनित विज्ञापनों और डीपफेक वीडियो के जरिए उनके और उनके परिवार को E20 नीति से लाभ कमाने वाला दिखाए जाने पर उन्होंने मेटा, एक्स और गूगल के खिलाफ मानहानि की कानूनी कार्रवाई शुरू की है।गडकरी ने कहा कि जो उपभोक्ता एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नहीं चाहते, वे 100 प्रतिशत शुद्ध पेट्रोल खरीद सकते हैं, हालांकि इसके लिए अधिक कीमत चुकानी होगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि एथेनॉल मिश्रण से इंजन खराब होने का कोई प्रमाणित वैज्ञानिक साक्ष्य नहीं है और माइलेज कई अन्य कारकों पर निर्भर करता है।

सरकार का कहना है कि E20 नीति का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाना और किसानों की आय में वृद्धि करना है। हालांकि, इस नीति को लेकर टैक्सी यूनियनों और कुछ राजनीतिक दलों का विरोध लगातार जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *