डेस्क: पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के अदीना क्षेत्र में श्रावण माह के दूसरे सोमवार को आदिनाथ शिवलिंग स्थापना और रुद्राभिषेक कार्यक्रम को लेकर माहौल गरमा गया है. आयोजन की घोषणा के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है और पूरे क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है.
यह मामला अदीना स्थित 14वीं शताब्दी की ऐतिहासिक अदीना मस्जिद से जुड़ा है, जो भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण में आने वाला राष्ट्रीय महत्व का स्मारक है. इस स्थल को लेकर पिछले कुछ समय से धार्मिक और ऐतिहासिक दावे सामने आते रहे हैं.
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के रिकॉर्ड के अनुसार, अदीना मस्जिद का निर्माण वर्ष 1373 ईस्वी में बंगाल सल्तनत के शासक सुल्तान सिकंदर शाह ने कराया था. यह मध्यकालीन भारत की प्रमुख मस्जिदों में से एक मानी जाती है और अपनी वास्तुकला के लिए जानी जाती है. हालांकि, कुछ हिंदू संगठनों का दावा है कि यह स्थान पहले भगवान शिव को समर्पित आदिनाथ मंदिर था और बाद में यहां मस्जिद का निर्माण किया गया. संगठनों की ओर से इसी दावे के आधार पर आदिनाथ शिवलिंग स्थापना और पूजा कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की गई है.
अदीना मस्जिद को लेकर किए जा रहे दावों पर अभी कोई अंतिम कानूनी फैसला नहीं आया है. इस मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका भी लंबित है, जिसमें इस ऐतिहासिक स्थल के इतिहास और दावों को लेकर ASI से जवाब मांगा गया है. कानूनी प्रक्रिया जारी होने के कारण प्रशासन पूरे मामले को संवेदनशील मान रहा है. अधिकारियों का कहना है कि किसी भी गतिविधि को कानून और अदालत के निर्देशों के अनुसार ही अनुमति दी जाएगी.
ASI की ओर से स्पष्ट किया गया है कि संरक्षित स्मारक के अंदर किसी भी तरह की धार्मिक गतिविधि की अनुमति नहीं दी जा सकती. नियमों के अनुसार राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों में संरक्षण और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाती है. वहीं, आयोजन से जुड़े हिंदू संगठनों का कहना है कि उनका उद्देश्य आदिनाथ मंदिर की स्थापना करना है और वे अदालत के आदेशों तथा कानून का पालन करेंगे. आयोजकों ने दावा किया है कि वे अपनी मांग को कानूनी तरीके से आगे बढ़ाएंगे.
शिवलिंग मालदा पहुंच चुका है. पुलिस ने इसे सुरक्षा के लिए मालदा शहर में रखा है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है. अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है.
प्रशासन का कहना है कि किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी. फिलहाल सभी की नजर सोमवार को होने वाले कार्यक्रम और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है. अदीना मस्जिद से जुड़ा यह विवाद अब धार्मिक दावों, ऐतिहासिक तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया के बीच संतुलन का मुद्दा बन गया है.

