डेस्क: रायसेन जिले के सांची थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। मेढ़की गांव के 26 वर्षीय हार्डवेयर कारोबारी राकेश लोधी की अज्ञात हमलावरों ने बेरहमी से हत्या कर दी। हैरानी की बात यह है कि राकेश की महज दो महीने पहले ही शादी हुई थी और यह उन पर तीसरा हमला था। पहले दो बार वह हमलावरों के चंगुल से बच निकले थे, लेकिन इस बार बदमाशों ने उन्हें मौत के घाट उतार दिया।
राकेश सलामतपुर चौराहे पर हार्डवेयर की दुकान चलाते थे। शनिवार रात करीब 10 बजे वह रोज की तरह दुकान बंद कर पास के मंदिर में आरती करने पहुंचे। आरती के बाद जब वह सुनसान रास्ते से अपने घर लौट रहे थे, तभी कुछ अज्ञात लोगों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया।
परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, बदमाशों ने पहले राकेश को हाथ देकर रुकवाया। विरोध करने पर उन्हें सड़क किनारे झाड़ियों में घसीट ले गए। वहां धारदार हथियारों से उन पर ताबड़तोड़ हमला किया गया। हमला इतना क्रूर था कि उनकी एक हथेली कटकर अलग हो गई। शरीर पर कई गहरे घाव मिले हैं।
घटना के बाद राहगीरों ने राकेश को खून से लथपथ हालत में देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल से कटा हुआ हाथ बरामद किया। गंभीर हालत में उन्हें इलाज के लिए भोपाल रेफर किया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी मौत हो गई।
राकेश की शादी 12 मई 2026 को सालेरा निवासी वंदना लोधी से हुई थी। परिजनों का कहना है कि शादी के बाद से ही उन पर लगातार हमले हो रहे थे। करीब 15 दिन पहले भी कुछ अज्ञात लोगों ने उनकी आंखों में मिर्च पाउडर झोंककर मारपीट करने की कोशिश की थी। उस समय वह किसी तरह बच निकले थे। इससे पहले भी उन पर एक बार हमला हो चुका था। लगातार तीन हमलों से साफ है कि बदमाश उन्हें पहले से निशाना बना रहे थे।
राकेश के चचेरे भाई लोकेश लोधी ने बताया कि वह बेहद शांत स्वभाव के थे और किसी विवाद में नहीं पड़ते थे। वहीं पिता प्रताप सिंह ने भी किसी पुरानी रंजिश या दुश्मनी से साफ इनकार किया है।
पुलिस फिलहाल हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं मान रही है। एसडीओपी प्रतिभा शर्मा ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पुलिस व्यक्तिगत, पारिवारिक और कारोबारी सभी पहलुओं को खंगाल रही है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कई विशेष टीमें बनाई हैं। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान और उनके भागने के रास्ते का पता लगाने की कोशिश कर रही है। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
राकेश का बचपन संघर्षों में बीता। वह अपनी मां के साथ मेढ़की गांव में मामा के घर रहते थे। मां की मेहनत से ही सलामतपुर में हार्डवेयर की दुकान शुरू हुई थी, जिससे पूरे परिवार का गुजारा चलता था। 12 मई को शादी के बाद राकेश ने नई जिंदगी की शुरुआत की थी, लेकिन दो महीने के भीतर ही यह खुशियां मातम में बदल गईं। उनकी पत्नी वंदना, छोटा भाई और बुजुर्ग माता-पिता गहरे सदमे में हैं। घटना के बाद पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

