उत्तर प्रदेश

बोरवेल के गड्ढे में डूबने से 6 वर्षीय मासूम की मौत मामले में, ठेकेदार पर एफआईआर, दो कर्मियों की सेवा समाप्त

डेस्क:ग्रेटर नोएडा, । ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-2 स्थित कलाधाम सोसायटी में शनिवार की शाम हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। सोसायटी परिसर में नलकूप (बोरवेल) निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे में भरे पानी में डूबने से छह वर्षीय मासूम अव्यान सूर्या की मौत हो गई। इस घटना के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ठेकेदार और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। प्राधिकरण के अनुसार, कलाधाम सोसायटी में जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए तीन दिन पहले नलकूप निर्माण का कार्य शुरू किया गया था। आरोप है कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले ठेकेदार ने जल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना नहीं दी और न ही कार्यस्थल पर सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए। गड्ढे के चारों ओर बैरिकेडिंग या अन्य सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण उसमें पानी भर गया, जो बाद में एक बड़े हादसे का कारण बन गया। शनिवार देर शाम सोसायटी में रहने वाले केंद्रीय विद्यालय के उप प्रधानाचार्य सीवान यादव का छह वर्षीय पुत्र अव्यान सूर्या खेलते-खेलते पानी से भरे गड्ढे में गिर गया। जब तक लोगों को घटना की जानकारी हुई और बच्चे को बाहर निकाला गया, तब तक उसकी डूबने से मौत हो चुकी थी। इस हादसे के बाद सोसायटी में शोक और आक्रोश का माहौल है।
घटना की सूचना मिलते ही ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एनजी रवि कुमार ने मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल अधिकारियों को मौके पर भेजा। महाप्रबंधक एके सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक विनोद कुमार शर्मा, सहायक प्रबंधक मनोज चौधरी सहित अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराई। सीईओ ने पूरे मामले की जांच के आदेश देते हुए महाप्रबंधक एके सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त किया है।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर अधिकारियों या कर्मचारियों की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण ने ठेकेदार की लापरवाही को प्रथम दृष्टया जिम्मेदार मानते हुए नॉलेज पार्क कोतवाली में सुप्रीम इंडस्ट्रियल कॉरपोरेशन के प्रोपराइटर मनोज कुमार जैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है। इसके साथ ही संबंधित ठेकेदार फर्म को ब्लैकलिस्ट भी कर दिया गया है।
मामले में प्राधिकरण के जल विभाग के तकनीकी सुपरवाइजर आकाश कुमार और सुपरवाइजर जॉनी कुमार की भी गंभीर लापरवाही सामने आने पर दोनों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। प्राधिकरण ने इनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। प्राधिकरण के एसीईओ सुनील कुमार सिंह ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि मासूम की मौत बेहद दुखद है और इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
वहीं, सीईओ एनजी रवि कुमार ने सभी वर्क सर्किलों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि भविष्य में किसी भी निर्माण कार्य की शुरुआत तभी की जाए जब बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक और अन्य सभी सुरक्षा उपाय पूरी तरह सुनिश्चित कर लिए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संबंधित कर्मचारियों और ठेकेदारों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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