डेस्क: भारत के पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन ने NEET पेपर लीक के विरोध-प्रदर्शन के बीच युवाओं से धैर्य और विश्वास रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं की उम्मीदों को समझना जरूरी है, साथ ही देश की संस्थाओं और सरकार पर भरोसा और धैर्य बनाए रखने का आग्रह भी किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि धैर्य से किसी भी चुनौती का सामना किया जा सकता है और भारत की लगातार तरक्की पर भरोसा जताया।
धवन ने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, ‘हमारे युवा देश का भविष्य हैं। उनके सपनों को समझना जरूरी है, लेकिन साथ ही मुश्किल समय में धैर्य रखना और देश की संस्थाओं और सरकार पर भरोसा बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। मेरा मानना है कि हर चुनौती का समाधान धैर्य से मिलता है। भारत हमेशा आगे बढ़ा है और भविष्य में भी आगे बढ़ता रहेगा।’
पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह ने भी सोशल मीडिया पर एक मैसेज शेयर किया। उन्होंने NEET परीक्षा का पेपर लीक होने पर हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण समाधान निकालने की अपील की और बच्चों व नागरिकों के लिए शांति, सुरक्षा और अवसरों का समर्थन करने को कहा।
युवराज सिंह ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, ‘हर बच्चे, छात्र, महिला और पुरुष आप शांति से सीखने, सुरक्षित रूप से आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने के अवसर के हकदार हैं। आपकी भलाई ही एक बेहतर भारत की नींव है। आइए, हम सब मिलकर देखभाल, अवसरों और उम्मीदों वाला समाज बनाएं। बातचीत के जरिए हम भारत के भविष्य के लिए कोई शांतिपूर्ण समाधान निकाल सकते हैं।’
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मौजूदा विरोध-प्रदर्शन पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी। उन्होंने युवाओं के भविष्य के महत्व पर जोर दिया और घोषणा की कि पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्द और कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे।
पीएम मोदी ने X (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को “बख्शा नहीं जाएगा” और संबंधित अधिकारियों को सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। पीएम मोदी ने लिखा, ‘हमारे युवाओं के कल्याण और भविष्य से ज्यादा जरूरी कुछ भी नहीं है! हमने पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्द और कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला किया है। संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। यह छात्रों के हितों की रक्षा के लिए उठाए जा रहे हमारे कदमों की कड़ी का हिस्सा है। जो लोग हमारे युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।’
इस बीच, राष्ट्रीय राजधानी में टॉल्स्टॉय मार्ग और जनपथ पर बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन जारी रहा, जहां एक्टिविस्ट और छात्र परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था की समस्याओं को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ अपना प्रदर्शन करते रहे। प्रदर्शनकारियों ने BJP, RSS और दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारे लगाए। जैसे-जैसे प्रदर्शन बढ़ा, कई प्रदर्शनकारियों ने चलती गाड़ियों को रोकने की कोशिश की; कुछ लोगों ने सड़क पर पानी की बोतलें भी फेंकीं। कुछ लोग सड़क पर ही लेट गए, जिससे ट्रैफिक में भारी रुकावट आई।

