करनाल, 7 सितंबर। जिला रेड क्रॉस सोसाइटी के सहयोग से कुमारी विद्यावती आनंद डीएवी महिला महाविद्यालय में आज साप्ताहिक कार्यशाला व प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

मानसिक स्वास्थ्य : तनाव से शक्ति, शांति और खुशी की ओर कार्यशाला का विषय रहा। कार्यशाला के पहले दिन उदघाटन सत्र का आगाज हुआ। नीले आसमान के लिए स्वच्छ वायु अंतरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर सांस लेने से स्वास्थ्य विषय पर प्राणायाम, योग और ध्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्या मीनू शर्मा मुख्य अतिथि रहीं।

आयोजक मंडल की सभी प्राध्यापिकाओं ने प्राचार्या को हरा भरा पौधा प्रदान कर स्वागत किया। प्राचार्या मीनू शर्मा ने छात्राओ का योग के प्रति उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि योगासन और प्राणायाम अनेक शारीरिक और मानसिक रोगों को दूर कर मानसिक शांति प्रदान करते हैं। अत: इन्हें अपने दैनिक जीवन में अपना कर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करना चाहिए। आज प्रत्येक मनुष्य तनावग्रस्त है। योगासन और प्राणायाम तनाव दूर करने के सशक्त माध्यम हैं। कार्यशाला में अंजलि व प्रीति ने योगासन और प्राणायाम करने के लिए सभी छात्राओं का मार्गदर्शन किया। वृक्षासन, त्रिकोणासन, वज्रासन, सूर्य नमस्कार, पश्चिमोतानासन, धनुरासन, भद्रासन के साथ-साथ अनुलोम विलोम, भ्रामरी, सामान्य श्वास प्रश्वास क्रियाएं आदि क्रियात्मक रूप में सीखें। कार्यशाला में सभी संकायों की लगभग 100 छात्राओं ने भाग लिया। कार्यशाला की संरक्षक महाविद्यालय की प्राचार्या मीनू शर्मा तथा सह संरक्षक कुलबीर मलिक सचिव, भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, जिला शाखा करनाल रहे। कार्यक्रम का आयोजन यूथ रेड क्रॉस, संस्थान स्तरीय टास्क फोर्स समिति, रेड रिबन क्लब, योग क्लब, मनोविज्ञान विभाग तथा संगीत विभाग (वाद्य एवं गायन) द्वारा महाविद्यालय के आईक्यूएसी एवं आईआईसी के तत्वावधान में, भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, जिला शाखा, करनाल के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यशाला के आयोजन में आईक्यूएसी समन्वयक डा. मंजू सिंह, आईआईसी अध्यक्ष डा. सुनीत भंडारी, आईआईसी उपाध्यक्ष डा. सुषमा ठाकुर, आईआईसी संयोजिका संजना रहेजा, कार्यशाला की संयोजिकाएं डा. संगीता गौरांग, डा. स्वाति शर्मा, डा. सुमन, डा. दीप्ति शर्मा, समन्वयक राजपाल चौधरी जिला प्रशिक्षण अधिकारी भारतीय रेडक्रॉस , जिला शाखा करनाल, सचिव डा. सुनीता, डा. रेणु बालियान, मोनिका, सदस्य डा. ईशा, डा. नादिया चौहान, डा. सीमा शर्मा, डा. सीमा रानी, डा. शिल्पा, प्रशांतिका, डा. नीलम, करमाबाई, प्रिया शर्मा, तरजीत, अभिषेक, अमरदीप व कीर्ति ने योगदान दिया।

