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WTC 2027: ओवल में 9-13 जून के बीच खेला जाएगा खिताबी मुकाबला

डेस्क:लंदन । ओवल आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) 2027 के फाइनल की मेजबानी करेगा। यह मुकाबला 9 से 13 जून के बीच खेला जाएगा। ऐसा दूसरी बार होगा, जब यह मैदान चैंपियनशिप का फाइनल होस्ट करेगा। इससे पहले, साल 2023 में यहां खिताबी मुकाबला खेला जा चुका है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने भारत को शिकस्त दी थी। पिछले साल, आईसीसी की सालाना कॉन्फ्रेंस के दौरान, ईसीबी को अगले तीन वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल (2027, 2029 और 2031) की मेजबानी के अधिकार मिले थे। डब्ल्यूटीसी फाइनल के शुरुआती तीन संस्करण इंग्लैंड के अलग-अलग वेन्यू पर आयोजित हुए थे। लॉर्ड्स ने साल 2025 का फाइनल होस्ट किया था, जिसमें साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से मात दी थी। न्यूजीलैंड ने साल 2021 में साउथेम्प्टन में भारत को 8 विकेट से हराकर पहला टाइटल जीता था, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने 2023 में ओवल के मैदान पर 209 रन से जीत हासिल करते हुए ट्रॉफी जीती थी। आगामी फाइनल वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के चौथे संस्करण का भी समापन करेगा।
2027 का संस्करण ऐतिहासिक रूप से और भी खास होगा, क्योंकि यह टेस्ट क्रिकेट के 150 साल पूरे होने के जश्न के साथ होगा, जिससे खिताबी मैच की अहमियत और बढ़ जाएगी।
ऑस्ट्रेलिया अभी डब्ल्यूटीसी रैंकिंग में 87.50 प्रतिशत अंकों के साथ शीर्ष पर है, जबकि मौजूदा चैंपियन साउथ अफ्रीका 75 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है। न्यूजीलैंड (72.22), बांग्लादेश (58.33) और भारत (48.15) क्रमशः तीसरे, चौथे और पांचवें स्थान पर हैं, जबकि श्रीलंका (41.67), इंग्लैंड (24.36), वेस्टइंडीज (15) और पाकिस्तान (8.33) क्रमशः छठे, सातवें, आठवें और नौवें स्थान पर हैं।
ईसीबी के कॉम्पिटिशन और बड़े इवेंट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर नील स्नोबॉल ने बताया कि इंग्लैंड को खेल के सबसे लंबे फॉर्मेट के इस ग्लोबल इवेंट को होस्ट करना जारी रखने पर गर्व है। उन्होंने कहा, “हमें इंग्लैंड और वेल्स में अगले तीन आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल आयोजित करने का सम्मान मिला है। यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अगले साल भी ‘द ओवल’ ही इसकी मेजबानी करेगा। ‘द ओवल’ में 2023 का फाइनल ब्रॉडकास्टर्स और फैंस के बीच बहुत लोकप्रिय रहा था। मुझे पूरा भरोसा है कि अगले साल का इवेंट भी बहुत खास होगा। यह देश और दुनिया भर के क्रिकेट फैंस के लिए एक शानदार मौका होगा कि वे पिछले दो वर्षों की दुनिया की दो सबसे बेहतरीन टेस्ट टीमों को एक बड़े इवेंट में आमने-सामने खेलते हुए देख सकें।”

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