डेस्क:अयोध्या । अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में करीब एक सप्ताह से चल रहा विशेष प्रायश्चित और शुद्धिकरण अनुष्ठान शुक्रवार को संपन्न हो रहा है। शुक्रवार सुबह से ही मंदिर परिसर में धार्मिक कार्यक्रमों का माहौल है। सुबह 11 बजे मंदिर परिसर स्थित यज्ञ कुंड में पूर्णाहुति दी जाएगी, जिसमें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास महाराज भी शामिल होंगे। महंत दिनेंद्र दास ने आईएएनएस से कहा कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं के दर्शन और पूजा-पाठ की सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चल रही हैं। भक्तों के दर्शन में किसी प्रकार की कोई कमी या परेशानी नहीं है और श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। पूर्णिमा होने के कारण आज मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान राम के दर्शन और पूजा के लिए पहुंच रहे हैं।
उन्होंने बताया कि यह धार्मिक अनुष्ठान आज अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि अयोध्या की पारंपरिक धार्मिक परंपराओं को बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी बताया कि वैष्णव परंपरा के अनुसार भगवान श्री राम की शिव आराधना की जा रही है। इस अनुष्ठान में अयोध्या के साधु-संतों को भी शामिल किया गया है। अब श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
राम मंदिर में यह विशेष प्रायश्चित और शुद्धिकरण अनुष्ठान मंदिर में चढ़ावे और दान राशि से अनियमितताओं की घटना के बाद उसकी पवित्रता को फिर से स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
करीब एक सप्ताह से चल रहे शुद्धिकरण अनुष्ठान के दौरान प्रतिदिन वाल्मीकि रामायण का पाठ किया गया और कम से कम 251 बार विष्णु सहस्रनाम का जाप कराया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम को संपन्न कराने में करीब 70 वैदिक आचार्यों और अयोध्या के स्थानीय संतों ने हिस्सा लिया। शुक्रवार को पूर्णाहुति के साथ यह विशेष अनुष्ठान विधिवत संपन्न हो रहा है।

