
11 रातें… लगातार मिसाइलें… और अब सवाल सिर्फ इतना नहीं कि अमेरिका और ईरान में कौन जीतेगा… सवाल ये है कि क्या दुनिया एक और बड़े युद्ध की तरफ बढ़ रही है?
अमेरिका ने ईरान पर लगातार 11वीं रात भी हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM के मुताबिक, इस बार निशाना बनाए गए ड्रोन स्टोरेज, एयरक्राफ्ट हैंगर और सैन्य ठिकाने, ताकि ईरान की सैन्य क्षमता को और कमजोर किया जा सके।
लेकिन ईरान भी पीछे हटने के मूड में नहीं दिख रहा।
ईरानी सेना का दावा है कि उसने जवाबी कार्रवाई करते हुए कुवैत में अमेरिकी सैन्य लॉजिस्टिक्स और गोला-बारूद से जुड़े ठिकानों पर ड्रोन हमला किया है। वहीं ईरान के कई इलाकों में फिर से धमाकों और एयर डिफेंस सिस्टम के सक्रिय होने की खबरें सामने आई हैं।
इस बीच कूटनीतिक कोशिशें लगभग ठप पड़ चुकी हैं। अमेरिका की ओर से साफ संकेत दिए गए हैं कि फिलहाल बातचीत प्राथमिकता नहीं है, जबकि दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
विशेषज्ञों की मानें तो अगर यही हाल रहा, तो इसका असर सिर्फ मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा। कच्चे तेल की कीमतें, वैश्विक व्यापार और पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था इस संघर्ष से प्रभावित हो सकती है।

