डेस्क:अयोध्या । रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बुलडोजर कार्रवाई किए जाने के ऐलान के विरोध में मंगलवार को समाजवादी पार्टी ने अयोध्या में प्रदर्शन किया। पार्टी के पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक तेज नारायण पांडे ‘पवन पांडे’ के नेतृत्व में सपा कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने जौहर यूनिवर्सिटी के समर्थन में नारेबाजी करते हुए सरकार पर राजनीतिक द्वेष की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में पवन पांडे ने कहा कि सरकार को शिक्षा संस्थान को ध्वस्त करने के बजाय उसमें यदि कोई तकनीकी या दस्तावेजी कमी है तो उसे दूर कराने का अवसर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार पाठशालाएं बंद करना चाहती है और उनकी जगह मधुशालाएं खोलना चाहती है। एक ओर मंचों से देश को विश्वगुरु और मजबूत राष्ट्र बनाने की बातें की जाती हैं, वहीं दूसरी ओर बच्चों के हाथों से कलम और किताब छीनने का प्रयास हो रहा है। शिक्षा के मंदिर पर बुलडोजर चलाकर देश को मजबूत नहीं बनाया जा सकता।
पवन पांडे ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय के भवन, नक्शे या अन्य दस्तावेजों में किसी प्रकार की कमी है तो नियमानुसार उन्हें पूरा कराने का अवसर दिया जाना चाहिए। सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराकर विश्वविद्यालय का संचालन जारी रखा जा सकता है। सपा नेता ने सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों में कथित अवैध कब्जों की शिकायतें हैं, लेकिन वहां बुलडोजर नहीं चलता।
उन्होंने दावा किया कि अयोध्या सहित कई स्थानों पर प्रभावशाली लोगों द्वारा कब्जे किए गए हैं, लेकिन कार्रवाई केवल जौहर यूनिवर्सिटी पर की जा रही है। उन्होंने कहा कि केवल एक शैक्षणिक संस्थान को निशाना बनाकर बुलडोजर चलाने का फैसला राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित प्रतीत होता है। सरकार को कानून के दायरे में रहते हुए संबंधित पक्ष को अपनी कमियां दूर करने का अवसर देना चाहिए, न कि शिक्षा संस्थान को ध्वस्त करने की कार्रवाई करनी चाहिए।
सपा कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रस्तावित कार्रवाई को रोका जाए और कानूनी प्रक्रिया के तहत सभी पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाए।
गौरतलब है कि रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर प्रशासन ने हाल ही में सख्त रुख अपनाया है। रामपुर के जिलाधिकारी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि संबंधित निर्माण उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करते पाए गए हैं। आदेश में निर्धारित अवधि के भीतर अवैध निर्माण स्वयं हटाने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा नहीं किए जाने की स्थिति में प्रशासन द्वारा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई न्यायालय और सक्षम प्राधिकारी के आदेशों के अनुपालन में की जा रही है।

