डेस्क:अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी सेना ने ईरान पर फिर से हमला किया है। यह कार्रवाई उन तीन अमेरिकी सैनिकों के सम्मान में की गई है, जिनकी मौत होने की आशंका है। ट्रंप ने दावा किया कि इस हमले से ईरान को भारी सैन्य नुकसान हुआ है। अब होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का कोई नियंत्रण नहीं रह गया है। ट्रंप ने एयरफोर्स वन विमान से उतरने के बाद और मरीन वन हेलीकॉप्टर पर सवार होने से पहले व्हाइट हाउस के पत्रकारों से यह बात कही।
मृत सैनिकों के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि हमें बहुत बुरा लग रहा है। लेकिन वे महान देशभक्त थे और वे यह सुनिश्चित करने के लिए लड़ रहे थे कि ईरान के पास परमाणु हथियार न हों। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान को बहुत बुरी तरह नुकसान पहुंचा है। सैन्य रूप से उसने लगभग सब कुछ खो दिया है। अब उसके पास बहुत कम चीजें बची हैं। उसके पास कुछ मिसाइलें, कुछ ड्रोन और थोड़ी-बहुत निर्माण क्षमता ही बची है।
ट्रंप ने जोर देकर कहा कि अब इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर अमेरिका का नियंत्रण है। इस मार्ग से दुनिया के तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। ट्रंप ने कहा कि हम इस मार्ग को नियंत्रित करते हैं, वे कुछ भी नियंत्रित नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि हमने आज रात उन पर फिर से बहुत कड़ा हमला किया है। यह हमला तीन महान देशभक्तों के सम्मान में किया गया है। हालांकि, ट्रंप ने इन सैनिकों की पहचान या उनकी मौत की परिस्थितियों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
पत्रकारों ने ट्रंप से एयरफोर्स वन के रूप में इस्तेमाल होने वाले कतर के विमान और उसकी मिसाइल सुरक्षा प्रणाली के बारे में भी सवाल पूछा। इस पर ट्रंप ने कहा कि इस विमान में बहुत सारी क्षमताएं हैं। उन्होंने बताया कि लगभग एक महीने में इस विमान को पूरी तरह से तैयार (मैक्स आउट) करने के लिए भेजा जाएगा। इस काम में करीब एक महीने का समय लगेगा।

