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ऑपरेशन सिंदूर पर इमरान खान की बहन का बड़ा दावा, बोलीं- अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद थमे हालात; पाक नेतृत्व पर भी साधा निशाना

डेस्क: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) की बहन नूरीन नियाजी ने भारतीय सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) को लेकर कई बड़े दावे किए हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय कार्रवाई के दौरान पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व पर भारी दबाव बन गया था और हालात संभालने के लिए उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हस्तक्षेप की कोशिश करनी पड़ी। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व पर लगाए गंभीर आरोप
नूरीन नियाजी ने कहा कि भारतीय हमलों के दौरान पाकिस्तान की सैन्य व्यवस्था गंभीर चुनौती का सामना कर रही थी। उनके मुताबिक, पाकिस्तान की ओर से शुरू किया गया सैन्य अभियान अपेक्षित परिणाम नहीं दे सका, जिसके बाद सैन्य नेतृत्व को हालात नियंत्रित करने के लिए बाहरी मदद और कूटनीतिक प्रयासों का सहारा लेना पड़ा।

उन्होंने दावा किया कि इस दौरान पाकिस्तान ने विभिन्न देशों से मध्यस्थता की कोशिश की और बाद में देश के भीतर घटनाक्रम को अलग तरीके से पेश किया गया।
इजरायल को मान्यता देने संबंधी भी किया दावा
नियाजी ने यह भी दावा किया कि संघर्ष के दौरान पाकिस्तान के सामने कुछ अंतरराष्ट्रीय शर्तें रखी गई थीं। उनके अनुसार, इनमें इजरायल को मान्यता देने और कुछ क्षेत्रीय समझौतों से जुड़े मुद्दे भी शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सैन्य नेतृत्व इन प्रस्तावों पर विचार करने को तैयार था।
हालांकि, इन दावों की किसी आधिकारिक स्रोत या स्वतंत्र एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं की गई है और न ही पाकिस्तान या संबंधित देशों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।
भारत ने हमलों की तीव्रता क्यों घटाई? लगाया यह अनुमान
नूरीन नियाजी का कहना है कि क्षेत्रीय परिस्थितियों और बदलते कूटनीतिक समीकरणों को देखते हुए भारत ने अपनी सैन्य कार्रवाई की गति सीमित की। हालांकि उन्होंने इसके समर्थन में कोई आधिकारिक प्रमाण या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया।

पाक सरकार पर जनता को गुमराह करने का आरोप
इमरान खान की बहन ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि संघर्ष समाप्त होने के बाद सरकार और सैन्य नेतृत्व ने घटनाओं को अपनी जीत के रूप में पेश करने की कोशिश की, जबकि वास्तविक स्थिति अलग थी।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे बयान
नूरीन नियाजी का यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान के कुछ अन्य राजनीतिक नेताओं की ओर से भी ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अलग-अलग दावे किए जा चुके हैं। हालांकि, इन बयानों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इन्हें संबंधित नेताओं के व्यक्तिगत राजनीतिक दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है।
क्या था ऑपरेशन सिंदूर?
भारत ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। भारतीय अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में स्थित कई आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया। भारत का कहना था कि इस कार्रवाई का उद्देश्य आतंकवादी ढांचे को नुकसान पहुंचाना और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट संदेश देना था।
इसके बाद पाकिस्तान की ओर से जवाबी कार्रवाई की कोशिश की गई। भारतीय पक्ष के अनुसार, देश की वायु रक्षा प्रणाली ने इन प्रयासों को विफल कर दिया। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव कुछ समय तक बना रहा, जिसके बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी।

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