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अमेरिका का ईरान के केशम द्वीप पर हमला, सैनिकों की मौत से बौखलाया वाशिंगटन

डेस्क: अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के केश्म द्वीप पर नए हवाई हमले किए हैं। ईरान की तस्नीम एजेंसी के अनुसार, द्वीप पर दो धमाकों की आवाज सुनी गई। हमलों के बाद नुकसान का आकलन करने के लिए आपातकालीन और सुरक्षा टीमों को तैनात किया गया है। अमेरिकी सेना ने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित ईरानी बंदरगाह शहर सीरिक को भी निशाना बनाया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने लगातार आठवीं रात सैन्य अभियान की पुष्टि की है। इसका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और ईरानी बलों को कमजोर करना है।
यह ताजा हमला शनिवार को जॉर्डन में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद हुआ है। अमेरिकी सेना के अनुसार, ये सैनिक ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों से रक्षा करते समय मारे गए। एक अन्य अमेरिकी सैनिक अभी भी लापता है। इस संघर्ष में 28 फरवरी से अब तक कुल 16 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सैन्य अभियान का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि सैनिकों ने ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। उन्होंने सैनिकों की मौत पर दुख जताया लेकिन इस मिशन को बेहद जरूरी बताया।

ईरान के सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने कहा कि इन हमलों ने एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति के हस्ताक्षर की बेकद्री साबित कर दी है। खामेनेई ने अपने पिता की हत्या के बाद सत्ता संभाली थी। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरानी राष्ट्र और प्रतिरोध मोर्चा अमेरिका को कभी न भूलने वाला सबक सिखाएंगे। खामेनेई के सैन्य सलाहकार मेजर जनरल मोहसिन रजाई ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी बमबारी जारी रही, तो ईरान पूर्ण पैमाने पर आक्रामक अभियान शुरू करेगा। अब ईरान केवल जवाबी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, संघर्ष फिर से शुरू होने के बाद से अब तक 50 लोगों की मौत हो चुकी है और 500 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
ईरान ने भी खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमले तेज कर दिए हैं। कुवैत में एक तेल केंद्र और बिजली-पानी संयंत्र को निशाना बनाया गया है, जिसकी कुवैत ने कड़ी निंदा की है। बहरीन ने ईरान के हवाई हमलों को रोकने का दावा किया है, जबकि ईरान का कहना है कि उसने बहरीन में अमेरिकी सैन्य हवाई अड्डे को निशाना बनाया है। जॉर्डन में अल-अजराक अमेरिकी बेस पर भी ईंधन टैंकों को निशाना बनाया गया है। जॉर्डन की सेना ने शनिवार को 10 ईरानी मिसाइलों को मार गिराया। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है, जबकि अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर दी है।

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