डेस्कः स्पेन ने फीफा विश्व कप सेमीफाइनल में मंगलवार को यहां फ्रांस को 2-0 से हराकर 2010 के बाद पहली बार फाइनल में प्रवेश कर लिया। मिकेल ओयारजाबाल ने पेनल्टी पर गोल कर स्पेन को बढ़त दिलाई, जबकि पेड्रो पोरो ने दूसरा गोल दागकर जीत पक्की कर दी।
अपने 19वें जन्मदिन के एक दिन बाद मैदान में उतरे युवा खिलाड़ी लामिन यामाल का एक गोल बेहद करीबी ऑफसाइड फैसले के कारण रद्द कर दिया गया। यह मौका 58वें मिनट में पेड्रो पोरो और दानी ओल्मो के बेहतरीन तालमेल से स्पेन की बढ़त 2-0 होने के तुरंत बाद आया। स्पेन को हालांकि शुरुआती बढ़त दिलाने में यामाल की सूझबूझ भरी खेल-समझ ही काफी अहम साबित हुई।
स्पेन अब रविवार को न्यू जर्सी के ईस्ट रदरफोर्ड में होने वाले फाइनल में मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच बुधवार को अटलांटा में खेले जाने वाले दूसरे सेमीफाइनल की विजेता टीम से भिड़ेगा। फीफा रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर काबिज फ्रांस और उसके स्टार स्ट्राइकर किलियन एमबाप्पे लगातार तीसरी बार विश्व कप फाइनल में पहुंचने वाली इतिहास की केवल तीसरी टीम बनने की कोशिश में थे। इस हार के बाद अब फ्रांस शनिवार को फ्लोरिडा के मियामी गार्डन्स में तीसरे स्थान के मुकाबले में उतरेगा।
फाइनल रविवार को न्यूयॉर्क सिटी के निकट मेटलाइफ स्टेडियम में खेला जाएगा। फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर स्पेन ने लगातार तीसरे साल किसी बड़े टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में फ्रांस को हराया है। यामाल ने 2024 यूरोपीय चैम्पियनशिप के सेमीफाइनल में अपने 17वें जन्मदिन से कुछ दिन पहले फ्रांस के खिलाफ 2-1 की जीत में गोल किया था। वहीं पिछले वर्ष यूएफा नेशंस लीग में भी स्पेन ने फ्रांस को 5-4 से मात दी थी।

