शिक्षा प्रसार, गरीबी उन्मूलन एवं परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता से जनसंख्या नियंत्रण संभव- नमिता कुमारी

समस्तीपुर : जीकेपीडी कॉलेज, कर्पूरीग्राम, समस्तीपुर में एनएसएस इकाई-02 के द्वारा “विश्व जनसंख्या दिवस” के अवसर पर दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य बढती आबादी, लैंगिक समानता, परिवार नियोजन और सतत विकास से जुड़ी चुनौतियों के प्रति जागरूकता फैलाना था।
इस वर्ष संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आधिकारिक थीम “युवाओं की उम्मीदों और आकांक्षाओं को साकार करना : आज और भविष्य के लिए” पर जागरूकता संगोष्ठी, जागरूकता रैली, पोस्टर पेंटिंग प्रतियोगिता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
महाविद्यालय शासी निकाय की अध्यक्षा नमिता कुमारी ने संगोष्ठी का अध्यक्षता करते हुए कहा कि जब तक प्रत्येक व्यक्ति “छोटा परिवार- सुखी परिवार” के महत्त्व को नहीं समझेगा, तब तक स्वस्थ एवं समृद्ध समाज की कल्पना अधूरी है। महिला शिक्षा प्रसार, गरीबी उन्मूलन एवं परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता से जनसंख्या नियंत्रण संभव है। कहा कि आज के दौर में दुनिया भर के युवाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की जरूरतों पर विशेष जोर देने की जरूरत है।

इससे पूर्व कॉलेज शासी निकाय के सचिव डॉ. अनीसुर रहमान ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि अत्यधिक जनसंख्या वृद्धि गंभीर समस्या है, क्योंकि इससे संसाधनों पर दबाव, बेरोजगारी, गरीबी, पर्यावरणीय संकट एवं सामाजिक असंतोष जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। जनसंख्या वृद्धि के कारण विकास योजनाएं भी प्रभावित होती हैं।
प्रधानाचार्य प्रो. राम प्रवेश ठाकुर ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि गरीबी, परिवार नियोजन, लैंगिक समानता, मातृ स्वास्थ्य और मानव अधिकारों जैसे महत्त्वपूर्ण विषयों पर वैश्विक स्तर पर चर्चा और जागरूकता फैलाने की जरूरत है।
राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई- 02 की कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. प्रेम कुमारी ने कहा कि जनसंख्या से जुड़ी सभी समस्याएं, बढती आबादी के दबाव और सीमित संसाधनों के सही उपयोग के बारे में लोगों को सचेत करने की जरूरत है।
मौके पर प्रो. दिनेश प्रसाद, प्रो. बसंत कुमार, प्रो. विमल कुमार चौबे, प्रो. विजय कुमार यादव, प्रो. नन्द किशोर सिंह, प्रो. शैलेन्द्र कुमार चौधरी, प्रो. कृष्ण नंदन ठाकुर, प्रो. प्रमोद कुमार पासवान, डॉ. ममता कुमारी, प्रो. चन्द्रावती, प्रो. पुष्पा कुमारी, प्रो रीता कुमारी, नित्यानंद ठाकुर, नंद गोपाल राम, बनारसी ठाकुर, धीरज यादव, प्रेम रंजन कुमार सिंह, तुलसी, सुनीता, कोमल, शबनम, खुशबू, गुड़िया, खुशी, रिया, राहुल, शशि रंजन, सन्नी आशुतोष, दीपू सहित दर्जनों छात्र- छात्राएँ उपस्थित थे। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. हरि प्रसाद राय ने किया।

