डेस्क: भारत के ऑलराउंडर अक्षर पटेल एक बड़ा इंटरनेशनल माइलस्टोन हासिल करने और अपना 100वां T20I मैच खेलने के लिए तैयार हैं। इंग्लैंड के खिलाफ चौथे T20I मैच में उतरते ही वे यह उपलब्धि हासिल करेंगे। उन्होंने इस मौके को हर क्रिकेटर का सपना पूरा होने जैसा बताया है।
अक्षर ने 2015 में अपने T20I डेब्यू से लेकर भारत के सबसे भरोसेमंद व्हाइट-बॉल खिलाड़ियों में से एक बनने तक के अपने सफर को याद किया। साथ ही उन्होंने उन लोगों का भी जिक्र किया जिन्होंने उनके करियर को संवारा और उन सीखों को भी याद किया जिन्होंने उनके करियर को आकार दिया। BCCI के एक वीडियो में अक्षर ने कहा, ‘जब मैंने पहली बार T20 खेला था, तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं 100 मैच खेलूंगा। यह इंग्लैंड दौरा मेरे लिए बहुत खास दिन होगा। दूसरे टी20 में मैंने 100 विकेट पूरे किए और चौथे T20 में मैं 100 मैच पूरे करूंगा। यह मेरे लिए बहुत खास दिन है। मैं इस पल का बहुत आनंद ले रहा हूं। मुझे बहुत अच्छा लग रहा है।’
व्यक्तिगत उपलब्धियां अक्सर सुर्खियों में रहती हैं, लेकिन अक्षर का मानना है कि यह उपलब्धि उन सभी की है जिन्होंने उनके पूरे करियर में उनका साथ दिया है। उन्होंने आगे कहा, ‘असल में, एक खिलाड़ी के तौर पर जब आप कोई माइलस्टोन हासिल करते हैं, तो मुझे लगता है कि यह सिर्फ मेरे बारे में नहीं है। मैं इसे अकेले हासिल नहीं कर रहा हूं। आप जानते हैं कि मेरे साथ मेरी टीम के सदस्य, मेरे कोच और मेरा परिवार है। इसलिए, मुझे लगता है कि मेरे इस सफर में हर किसी की भूमिका रही है।’
इस बाएं हाथ के स्पिनर ने माना कि भारत का प्रतिनिधित्व करना ही सबसे बड़ी उपलब्धि है जिससे 100 T20I मैच पूरे करने का मौका और भी खास हो जाता है। अक्षर ने कहा, ‘जब आप शुरुआत करते हैं, जब आप पहली बार डेब्यू करते हैं, तो वह एहसास अलग होता है। उस समय आपको पता नहीं होता कि आप कितना कुछ हासिल करेंगे। लेकिन अब, मैं अपना 100वां मैच खेलने जा रहा हूं। उस एहसास को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। भारत के लिए एक मैच खेलना भी बहुत बड़ी बात होती है, क्योंकि यह हर खिलाड़ी का सपना होता है। जब आप अपना 100वां मैच खेलने जा रहे हों, तो मुझे लगता है कि यह एक बहुत ही खास पल होता है।’
अक्षर का इस मुकाम तक पहुंचने का सफर आसान नहीं रहा है। डेब्यू पर अच्छी छाप छोड़ने के बाद उन्हें बीच-बीच में ही मौके मिले, लेकिन हाल के वर्षों में उन्होंने भारत की व्हाइट-बॉल टीम में अपनी जगह पक्की कर ली है। उन्होंने कहा, ‘अगर आप इतने लंबे समय तक खेलते हैं, तो जाहिर है कि वह सफर रोलर-कोस्टर जैसा हो जाता है। आप कभी नहीं जानते कि आगे क्या होगा। शुरुआती 5 या 6 सालों में मैंने 15 या 16 मैच खेले। और फिर 2021 से अब तक मुझे लगता है कि मैं लगातार खेल रहा हूं। हमने पिछले 2 टी20 वर्ल्ड कप खेले हैं। 2024 में मैंने पहली बार खेला और 2026 में दूसरी बार। तो, जब आप अपना 100वां मैच खेल रहे होते हैं, तो ये सभी सफर आपके लिए यादें बन जाते हैं। मुझे लगता है कि वे सभी खास यादें आपके लिए ही होती हैं।’
इस सीरीज में 100 T20I विकेट पूरे करने के बाद अक्षर ने कहा कि व्यक्तिगत रिकॉर्ड संतोषजनक तो होते हैं, लेकिन लगातार सुधार करना उनसे कहीं ज्यादा अहम है। उन्होंने कहा, ‘मेरे लिए माइलस्टोन (उपलब्धि) उतना मायने नहीं रखता। लेकिन हां, कभी-कभी अच्छा लगता है कि आपने 100 T20 विकेट लिए हैं। या जैसे कोई बल्लेबाज 50 या 100 रन बनाता है, या कोई गेंदबाज 50 या 100 विकेट लेता है। वह एक माइलस्टोन होता है। आप जानते हैं कि इतने सालों में हमने जो भी कड़ी मेहनत की है – चाहे वह अच्छी रही हो या बुरी, हमने जो भी गलतियां की हैं – उनसे हमने सीखा है। हम कैसे बेहतर हो सकते हैं? और इसी वजह से मुझे लगता है कि हमने अपने प्रोसेस पर ध्यान दिया है। दिन-ब-दिन हम बेहतर होते गए हैं।’

