डेस्क : भारत अहम चौथा T20I गुरुवार 9 जुलाई को ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड में इंग्लैंड के खिलाफ उतरेगा और सीरीज में बने रहने के लिए हर हाल में जीत जरूरी है क्योंकि टीम इंडिया 2-0 से पीछे चल रही है। पार्थिव पटेल ने तीसरे T20I में भारत के खराब प्रदर्शन का विश्लेषण और चौथे मैच पर बात की। पार्थिव ने कहा कि टॉस जीतने के अलावा कुछ भी मेहमान टीम के पक्ष में नहीं रहा। पटेल ने यह भी कहा कि चौथे T20I में बल्लेबाजों को खेल की बेहतर समझ दिखानी चाहिए और परिस्थितियों का आकलन करने के लिए क्रीज पर थोड़ा समय लेना चाहिए।
पटेल ने जियोस्टार के ‘गेम प्लान’ पर बात करते हुए कहा, ‘जिस तरह से खेल हुआ, मुझे लगता है कि सिर्फ टॉस ही भारत के पक्ष में रहा। उसके बाद उनके लिए कुछ भी योजना के अनुसार नहीं हुआ। जिस तरह से भारत खेला, उसे देखकर ऐसा लगा कि उस दिन मैदान पर सिर्फ एक ही टीम उतरी थी। 200 का कुल स्कोर पहुंच से बाहर नहीं था। हां, यह एक अच्छा स्कोर था, लेकिन ऐसा भी नहीं था कि इंग्लैंड ने 260 या 270 रन बनाए हों, जहां से जीतना असंभव होता। जिस बात ने मुझे सबसे ज्यादा निराश किया, वह थी योजना, भारत की शुरुआत, फील्डिंग और जाहिर तौर पर बल्लेबाजी का ढहना, जिसे समझाना बहुत मुश्किल है।’
पटेल ने कहा कि चौथे T20I में बल्लेबाजों को खेल की बेहतर समझ दिखानी चाहिए और परिस्थितियों का आकलन करने के लिए क्रीज पर थोड़ा समय लेना चाहिए। पूर्व भारतीय विकेटकीपर ने कहा, ‘मैं चाहूंगा कि ब्रिस्टल में भारतीय बल्लेबाजों में खेल की बेहतर समझ और थोड़ी ज्यादा गेम अवेयरनेस दिखे। हां, बोर्ड पर 200 रन हैं, लेकिन ये सभी अनुभवी T20 बल्लेबाज हैं और इस फॉर्मेट में आपके पास सोचने से कहीं ज्यादा समय होता है। आप पिच पर जमने के लिए एक या दो ओवर ले सकते हैं। हालात अलग हैं, विकेट उतने सपाट नहीं हैं, और आपको मैदान के डाइमेंशन और विकेट की गति के हिसाब से ढलना होगा। इसलिए, खुद को थोड़ा समय देना बहुत जरूरी है।’
इस सीरीज में अब तक जोफ्रा आर्चर ने वैभव सूर्यवंशी को शॉर्ट-पिच गेंदें डाली हैं और यह दो बार काम भी आया है। पटेल का मानना है कि जब गेंदबाज इस 15 साल के खिलाड़ी के खिलाफ खेलेंगे तो वे यही रणनीति अपनाएंगे। पटेल ने कहा, ‘सिर्फ जोफ्रा आर्चर ही नहीं, मुझे लगता है कि जिसने भी IPL देखा है, उसे इस बात से हैरानी नहीं होगी कि वैभव सूर्यवंशी को शॉर्ट गेंदें डालने की एक सोची-समझी योजना है। सिर्फ विकेट लेने वाली गेंद ही नहीं, उससे पहले वाली गेंद भी शॉर्ट थी। पहले मैच में जिस गेंद पर उन्होंने छक्का लगाया, हो सकता है कि वह उतनी उछली न हो, लेकिन लाइन वही थी। जैसे-जैसे वैभव सूर्यवंशी का इंटरनेशनल करियर आगे बढ़ेगा, उन्हें इस तरह की गेंदबाजी का सामना करना पड़ेगा, जिसमें शॉर्ट और 145 कि.मी. से ज्यादा तेज गेंदें होंगी। इसलिए सवाल निश्चित रूप से यह होगा कि वह शॉर्ट-पिच गेंदबाजी का सामना कैसे करते हैं, क्योंकि हर गेंदबाज उन्हें उसी तरह टारगेट करने की कोशिश करेगा।’
गुजरात टाइटंस के असिस्टेंट कोच ने गुरुवार के मैच के लिए भारत की प्लेइंग XI में एक बदलाव का सुझाव दिया। पटेल चाहते हैं कि संजू सैमसन टीम में वापसी करें और नंबर 3 पर बल्लेबाजी करें, जबकि शिवम दुबे की जगह विकेटकीपर-बल्लेबाज को मौका मिले। उन्होंने कहा, ‘मेरे हिसाब से सूर्यकुमार यादव को टीम में होना चाहिए। फिर मुझे लगता है कि नंबर 3, 4 और 5 पर संजू सैमसन, ईशान किशन और श्रेयस अय्यर होने चाहिए। टॉप 7 में छह बाएं हाथ के बल्लेबाजों के होने से बल्लेबाजों के लिए अपनी पसंद के हिसाब से खेलना बहुत मुश्किल हो जाता है, क्योंकि गेंदबाज भी एक ही तरह के बल्लेबाज को गेंदबाजी करने के आदी हो जाते हैं। मैदान का आकार भी बैटिंग लाइन-अप में विविधता की मांग करता है। तो, हां, संजू सैमसन को आना होगा। फिर तिलक वर्मा, सिर्फ इसलिए क्योंकि वह उप-कप्तान हैं, जिसका मतलब है कि शिवम दुबे को जगह छोड़नी होगी, और उसके बाद नंबर 7 पर अक्षर पटेल आएंगे। गेंदबाजों में मैं कोई बदलाव नहीं करूंगा।’

