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Middle East Tensions : अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल

डेस्क: मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच वैश्विक तेल बाजार में बड़ी हलचल देखी जा रही है। अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई के बाद बुधवार को अमेरिकी तेल की कीमतों में लगभग 3% की वृद्धि दर्ज की गई है।
ईरानी हमलों का करारा जवाब
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, यह कार्रवाई ईरान द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले तीन वाणिज्यिक जहाजों पर किए गए हमलों के जवाब में की गई है। इन हमलों में कतर के एक विशाल तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) टैंकर ‘अल रेकाय्यात’ (Al Rekayyat) को निशाना बनाया गया, जिस पर ड्रोन हमले के कारण इंजन रूम में आग लग गई। इसके अतिरिक्त, ओमान के तट पर सऊदी अरब के ध्वज वाले कच्चे तेल के टैंकर ‘वेडयान’ (Wedyan) के भी क्षतिग्रस्त होने की खबर है।
बाजार पर असर और तेल की कीमतें
इस सैन्य टकराव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है:
WTI क्रूड: अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 1.95 डॉलर यानी 2.8% बढ़कर 72.39 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
प्रतिबंध: अमेरिकी सरकार ने ईरानी कच्चे तेल की बिक्री की अनुमति देने वाले सामान्य लाइसेंस को भी रद्द कर दिया है, जिससे आपूर्ति बाधित होने की आशंका और बढ़ गई है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था की चिंताएं
हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाले टैंकर यातायात में संभावित बाधा ने दुनिया भर के बाजारों में डर पैदा कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तनाव कम नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में और अधिक वृद्धि हो सकती है, जिसका सीधा असर वैश्विक महंगाई पर पड़ेगा। फिलहाल कतर के टैंकर के चालक दल को सुरक्षित निकाल लिया गया है, लेकिन क्षेत्र में स्थिति अब भी नाजुक बनी हुई है।

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